शामली। जिला औषधि निरीक्षक निधि पांडे के रिश्वत मांगने का सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बनियागिरी शब्द कहे जाने पर सभासदों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे वैश्य समाज का अपमान बताते हुए एडीएम न्यायिक परमानंद झा को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर जिला औषधि निरीक्षक का मेडिकल स्टोर का निरीक्षण करने के दौरान रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में जिला औषधि निरीक्षक द्वारा स्टोर संचालक से बनियागिरी न करने की बात कहते हुए सुनाई दे रही है। हालांकि जिला औषधि निरीक्षक का कहना था कि उन्होंने किसी से कोई रिश्वत नहीं मांगी। उन्हें बदनाम करने के लिए किसी ने वीडियो को एडिट कर वायरल किया है।
इस प्रकरण में सोमवार को नगरपालिका के वार्ड सभासद निशिकांत संगल, राजीव गोयल, महिला सभासद के पति पंकज गुप्ता, सेठपाल सिंह, अनिल उपाध्याय व अजित निर्वाल ने एडीएम न्यायिक को सौंपे पत्र में बनियागिरी शब्द पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वैश्य समाज के सम्मानित व्यक्ति सरकार को टैक्स देते हैं। निधि पांडे द्वारा वैश्य समाज पर जो टिप्पणी की गई है, उसकी वे निंदा करते हैं। उन्होंने एडीएम से महिला अधिकारी के निलंबन की संस्तुति किए जाने और सरकार से भी निलंबन की मांग की। निधि पांडे का कहना है कि उनकी वीडियो को एडिट कर शेयर किया गया है। बनियागिरी या फिर अन्य बातें कहने का आरोप गलत है।