किसान आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले भैंसवाल गांव के निवासी बाबा सूरजमल का रविवार को सुबह पांच बजे निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे। दोपहर में शव अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम सस्कार में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, बहावड़ी थांबेदार चौधरी श्याम सिंह समेत गण्यमान्य लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
गढ़ीपुख्ता थानाक्षेत्र के गांव भैंसवाल में रविवार को बाबा सूरजमल का निधन हो गया। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने अपने घर पर ही अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव और आसपड़ोस के गांवों में शोक छा गया। आसपास के गणमन्य लोग उनके आवास पर इकट्ठा होना शुरू हो गए।
दोपहर में बाबा सूरजमल के शव का अंतिम संस्कार किया गया। शव यात्रा को कंधा भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत और बहाबडी थाबेदार श्याम सिंह ने दिया। अतिम संस्कार में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत, बहावडी थांबेदार चौधरी श्यामसिंह, भाकियू के वरिष्ठ नेता ओमपाल सिंह मलिक, भाकियू नेता कपिल खाटियान, रालोद के हस्तिनापुर प्रांत के अध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन, रालोद जिलाध्यक्ष वाजिद अली, जिला पंचायत सदस्य उमेश कुमार, संजय कालखंडे, बाबा रविंद्र मलिक शांता प्रधान, अंकुज चौधरी, थांबेदार हरेंद्र पिंडोरा, देवराज पहलवान, चौधरी वीरेंद्र सिंह लाटियान, राजवीर प्रधान मुंडेट, विपिन गोहरनी, देवेंद्र, दीपक राणा, पप्पू कुडाना, अनिल मलिक, जगमेर, राजन जावला आदि शामिल रहे। बाबा सूरजमल के शव को मुखाग्नि उनके पुत्र शौकेंद्र चौधरी ने दी।
-किसान आंदोलन में बाबा टिकैत के सहयोगी रहे सूरजमल
शामली। बाबा सूरजमल का 1987 में करमूखेड़ी से शुरू हुए किसान आंदोलन में सहयोग रहा। किसान आंदोलन के जनक बाबा महेंद्र सिह टिकैत के साथ खाप चौधरियों ने बढ चढकर हिस्सा लिया। उसमें बाबा सूरजमल का योगदान भी रहा। चाहे मेरठ कमिश्नरी एवं भोपा कांड के धरना स्थल हो। भाकियू सुप्रीमो चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के साथ किसान आंदोलन में उन्होंने गिरफ्तारी भी दी । पांच फरवरी 2021 को भैंसवाल गांव में जयंत चौधरी की सभा में बाबा सूरजमल ने अध्यक्षता की थी।