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गर्मी में बच्चों पर पड़ रही डायरिया की मार, बरतें सावधानी

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शामली बच्चों की जांच करते चिकित्सक डॉ. वेदभानू मलिक। - फोटो : SHAMLI
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शामली। गर्मी बढ़ने के साथ ही बच्चों पर डायरिया की मार पड़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में डायरिया के मरीज सबसे ज्यादा हैं। इसके अलावा टायफाइड, वायरल बुखार, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज भी आ रहे हैं, लेकिन इनकी संख्या कम है। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खानपान का खास ध्यान रखने की जरूरत है।
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जिले में भीषण गर्मी पड़ने के साथ ही बीमारियां भी बढ़ रही हैं। गर्मी का असर वैसे तो हर आयु के लोगों पर पड़ रहा है, लेकिन बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों में बीमार बच्चों की भीड़ लग रही है। सबसे ज्यादा डायरिया बच्चों को चपेट में ले रहा है। गर्मी के मौसम में बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वेदभानू मलिक ने बताया कि गर्मी के कारण बच्चों में डायरिया सबसे ज्यादा है। 70 प्रतिशत बीमार बच्चे डायरिया से पीड़ित है। बाकी 30 प्रतिशत बच्चे वायरल, टायफाइड बुखार, नजला जुकाम व खांसी से पीड़ित आ रहे हैं। पानी की कमी होने पर डायरिया से पीड़ित बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। बीमारियों से बचाव के लिए खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। ऐसी चीजों का सेवन ज्यादा करें जिनका जल्दी पाचन हो सके। ताजा बने भोजन का सेवन करें और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
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सीएचसी के डॉ. उपकार मलिक ने बताया कि गर्मी से एक दम ज्यादा ठंडे वातावरण में जाने से नजला, जुकाम व बुखार होने का खतरा रहता है। इसलिए गर्मी से ठंडे वातावरण में या ठंडे से गर्म वातावरण में जाने से पहले शरीर को कुछ देर सामान्य वातावरण में रखे। बच्चों में डायरिया के केस आ रहे हैं। इसके अलावा जुकाम, खांसी व बुखार के भी मरीज आ रहे हैं। इससे बचाव के लिए तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें और बाजार में बनी चीजों का सेवन करने से बचें।
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कारण:
दूषित पानी का सेवन करना।
बाजार की तली भूनी चीजें, फास्ट फूड का ज्यादा सेवन करना।
बासी व दूषित भोजन करना।
गर्म वातावरण से एक दम ठंडे वातावरण में जाना।
साफ-सफाई का ध्यान न रखना।
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बचाव:
पानी ज्यादा से ज्यादा पीये।
तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।
बाहर की चीजों का सेवन कम करें।
कटे हुए फल व गन्ने का जूस का सेवन न करें।
घर में बना हुए ताजा भोजन लें।
दही व लस्सी का सेवन करें।
तेज धूप में जाने से बचें।
बीमार होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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