फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: पछेती फसल की नवंबर में करें बुवाई

Sun, 17 Nov 2024 11:59 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। नवंबर माह खेतीबाड़ी के लिए अहम माना जाता है। इस माह में जई, आलू की पछेती, गेहूं की बुवाई होती है। आलू की देखभाल भी इस माह में जरूरी होती है। कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ किसानों को फसलों के संबंध में उचित सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विवि मेरठ की प्रोफेसर डॉ. स्वाति ने बताया कि जिन किसानों ने गन्ने की जो फसल बोई है, उसमें 15 दिनों के अंतराल में सिंचाई करें और बुवाई के 25 से 30 दिन बाद निराई करें।
गेंहू की प्रजातियों में बुवाई के लिए पीडब्ल्यू 590, नरेंद्र गेहूं 2036, यूपी 24-25 प्रजातियां उपयुक्त है। देर से बोई गेहूं में बढ़वार कम होती है। इसलिए बीज की दर प्रति हेक्टेयर बीज दर बढ़ाकर 125 किलोग्राम कर लें। जई की फसल के लिए नवंबर माह उत्तम माना जाता है। जई के यूपीओ 94, यूपीओ 212 अच्छी किस्में है। मटर की फसल के लिए बुवाई के 30 से 40 दिन बाद पहली सिंचाई करें। खेत की गुड़ाई करना भी फायदेमंद होगा।
विज्ञापन

प्याज की खेती के लिए रोपाई के तीन से चार सप्ताह पहले प्रति हेक्टेयर पर 25 से 30 क्विंटल गोबर की सड़ी खाद मिला दें। प्याज की रोपाई के लिए 7 से 8 सप्ताह पुरानी पौध का प्रयोग करें।
प्याज की रोपाई 15 से 10 की दूरी पर करें। प्याज में खरपतवार नियंत्रण के लिए रोपाई दो तीन दिन बाद इनकी मात्रा 1000 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। बेर, आंवला, नीबू, अमरूद, पपीता, केला की फसल में आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करें।
नोडल अधिकारी प्रोफेसर यूपी शाही के अनुसार आलू की बुवाई यदि अक्तूबर में नहीं हो पाई है तो अब पूरी कर लें। अक्तूबर माह में बोई आलू की फसल की सिंचाई करें। बुवाई के 20 से 25 दिन बाद 100 किलोग्राम यूरिया का छिड़काव करें। नवंबर माह में ही फ्रेंच बीन, पालक, मेथी, धनिया, मूली की बुवाई करें। अक्तूबर माह में बोई गई सब्जियों की सिंचाई करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें