रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी का पत्र मिलने के मामले में बुधवार को चेकिंग अभियान चलाया गया। जिसमें रेलवे स्टेशन लगे सीसीटीवी कैमरे ही खराब मिले। सीओ जीआरपी ने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में जल्द से जल्द सुधार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्टेशन परिसर में खड़े दोपहिया और चार पहिया वाहनों की जांच की गई। यात्रियों के बैग व अन्य सामान की भी जांच की गई।
दिल्ली, यूपी और हरियाणा सहित 11 रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी का पत्र मिलने के मामले में बुधवार को सहारनपुर से जीआरपी के सीओ राम लखन मिश्रा शामली पहुंचे। उन्होंने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। जांच के दौरान रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे खराब मिले। जिस पर सीओ ने नाराजगी जताई और आरपीएफ थाना प्रभारी को सीसीटीवी कैमरे ठीक कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने जीआरपी थाना शामली में आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रांजल बोहरा, जीआरपी थाना प्रभारी राकेश कुमार और बड़ौत जीआरपी थाना प्रभारी राजीव रंजन और पुलिसकर्मियों की बैठक लेकर विशेष सतर्कता बरतने और चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। कहा कि इस मामले को उच्च स्तर पर भी गंभीरता से लिया जा रहा है। इस मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
इसके बाद सीओ के नेतृत्व में रेेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया गया। संदिग्ध यात्रियों की तलाशी ली गई। स्टेशन परिसर में खड़े दोपहिया और चार पहिया वाहनों की जांच की गई। यात्रियों के बैग व अन्य सामान की भी जांच की गई। सीओ राम लखन मिश्रा ने बताया कि धमकी भरा पत्र मिलने की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस को दिन-रात अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। एनाउंसमेंट कराकर यात्रियों से लगातार अनुरोध किया जा रहा है कि स्टेशन या उसके आसपास कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नजर आए तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए ताकि समय रहते उस पर कार्रवाई की जा सके। सीओ ने कहा कि अभी तक पत्र भेजने वाले के बारे में कोई सुराग नहीं लगा है।
स्टेशन अधीक्षक की तरफ से दी गई तहरीर
शामली। सीओ जीआरपी राम लखन मिश्रा ने बताया कि धमकी भरा पत्र मिलने के मामले में स्टेशन अधीक्षक सुधीर शर्मा की तरफ थाना जीआरपी शामली को तहरीर दी गई है। अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। तहरीर के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। जीआरपी थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि शामली से पहले इसी तरह का धमकी भरा पत्र रुड़की में भी मिला है। वहां पर भी अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई और जांच चल रही है।
लोकल कनेक्शन खंगाल रही खुफिया टीम
शामली। धमकी भरे पत्र पर लगी मुहर के आधार पर अधिकारी इसे जालंधर से भेजा जाना मानकर जांच में जुटे है, लेकिन साथ ही खुफिया विभाग इस पत्र को लेकर लोकल कनेक्शन भी तलाश कर रही है। इसकी वजह ये है कि शामली में स्टेशन मास्टर विक्रांत सरोहा के नाम पर पत्र भेजा गया। इससे इस बात की संभावना जताई जा रही है पत्र भेजने वाले को इस बात की जानकारी है कि शामली में इस नाम से स्टेशन मास्टर के पद पर तैनाती है। खुफिया टीमें इसे गंभीरता से लेते हुए गोपनीय तरीके से जांच में जुटी है। पुलिस इसे जनता में भय पैदा करने के लिए किसी शरारती तत्व की साजिश होने के बिंदु भी जांच कर रही है। एसपी अजय कुमार का कहना है कि इस प्रकरण में खुफिया विभाग की टीमों को लगाया गया है। हालांकि जांच और खुलासे के बाद ही असलियत का पता चल सकेगा।
जालंधर में सीसीटीवी फुटेज की होगी जांच
शामली। जालंधर के डाकघर से भेजे गए धमकी भरे पत्र की जांच के लिए एक टीम जालंधर जाकर वहां सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी। सीओ ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पत्र भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश की जाएगी। रुड़की से भी एक टीम जालंधर गई हुई है।
यह है मामला
आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम से डाक द्वारा शामली में स्टेशन मास्टर विक्रांत सरोहा के पते पर धमकी भरा पत्र 20 अप्रैल को मिला था। तीन दिन तक रेलवे और आरपीएफ के अधिकारी इस मामले की सूचना अपने हेडक्वार्टर को देने के बाद दबाए रहे। मंगलवार को यह मामला सार्वजनिक होने के बाद से अधिकारियों में खलबली मची हुई है। पत्र में 13 मई को राजधानी दिल्ली समेत यूपी और हरियाणा के 11 रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। साथ ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के मुख्यमंत्री, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी मारने की धमकी का जिक्र किया गया। इसके साथ ही पत्र में यूपी और दिल्ली के प्रमुख मंदिरों और बस अड्डों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। धमकी भरा पत्र मिलने के बाद से कई जांच एजेंसियां छानबीन में जुटी है।