बाईपास तैयार, अंडरपास का हो रहा इंतजार
शामली। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से नवीन जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले भैंसवाल बाईपास को बने तीन साल हो चुके हैं, लेकिन बीच में पड़ने वाले अंडरपास का निर्माण नहीं हुआ। ऐसे में 18.36 करोड़ की लागत से बने इस बाईपास का इस्तेमाल भी नहीं हो पा रहा है। उत्तर रेलवे निर्माण खंड को इस अंडरपास का निर्माण करना था। लेकिन इसके लिए कहीं न कहीं पीडब्ल्यूडी के अधिकारी जिम्मेदार हैं।
सपा सरकार में तत्कालीन योजना आयोग के सदस्य प्रो. सुधीर पंवार ने नवीन जिला मुख्यालय और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को जोड़ने के लिए 3.5 किमी लंबाई के भैंसवाल बाईपास निर्माण की 18.36 करोड़ रुपये कार्ययोजना शासन को भेजी थी। जिसमें किसानों की भूमि का मुआवजा, 4.25 करोड़ अंडरपास निर्माण की लागत और शेष धनराशि सड़क निर्माण के लिए थी। भैंसवाल, महरमपुर, बनत की भूमि से होकर जाने वाले भैंसवाल बाईपास की भाजपा सरकार में संपूर्ण धनराशि अवमुक्त हो गई थी। लोक निर्माण विभाग इस बाईपास का निर्माण तीन साल पहले कर चुका है, लेकिन अंडरपास का निर्माण उत्तर रेलवे निर्माण खंड को करना था। रेलवे ने अंडरपास की बढ़ी लागत बताकर पीडब्ल्यूडी से इसकी मांग की थी। पीडब्ल्यूडी ने शासन से स्वीकृत 4.25 करोड़ की धनराशि भेज दी थी। बढ़ी हुई लागत की धनराशि नहीं भेजी गई। जिसके चलते अंडरपास निर्माण नहीं हुआ।
जिला पंचायत की बैठक में उठा था मुद्दा
26 अप्रैल को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में सदस्य उमेश कुमार पंवार ने भैंसवाल बाईपास के अंडरपास का निर्माण न होने का मुद्दा उठाया था। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने बैठक में रेलवे के अफसरों को बुलाकर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। 13 मई को दिशा की बैठक होगी, जिसमें भैंसवाल बाईपास के अंडरपास निर्माण का मुद्दा उठाया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद समस्या का कुछ समाधान जरूर होगा।
लोक निर्माण विभाग के अफसर जिम्मेदार
अंडरपास निर्माण में लापरवाही बरतने के लिए लोक निर्माण विभाग के अफसर जिम्मेदार हैं। यदि भैंसवाल बाईपास के अंडरपास का इस्टीमेट बढ़ गया था तो विभाग ने बढ़ा हुआ इस्टीमेट शासन को स्वीकृति के लिए क्यों नहीं भेजा। इसीलिए अंडरपास का निर्माण रेलवे विभाग नहीं कर पाया है। अपने चहेते लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए 18.36 करोड़ रुपये की लागत से बाईपास का निर्माण करा दिया। अंडरपास का निर्माण कराने के लिए विभाग के अफसरों ने रुचि नहीं दिखाई - प्रो. सुधीर पंवार, योजना आयोग के पूर्व सदस्य।
पीडब्ल्यूडी व रेलवे अफसरों से पूछा जाएगा
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे और नवीन जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले भैंसवाल बाईपास की सड़क बने दो साल हो गए हैं। अंडरपास का निर्माण न होने से बाईपास का उपयोग नहीं हो रहा है। इस मामले में लोक निर्माण विभाग से पूछा जाएगा कि अंडरपास बनने से पहले बाईपास क्यों बना दिया गया। अंडरपास का बढ़ा हुआ इस्टीमेट शासन को स्वीकृति के लिए क्यों नहीं भेजा गया है। इस संबंध में आगामी 13 मई को विकास भवन में होने वाली दिशा की बैठक रेलवे के अधिकारियों से भी जानकारी ली जाएगी - प्रदीप चौधरी, सांसद कैराना
-इंद्रपाल सिंह पांचाल-