छात्र की हत्या के पकड़े गए आरोपी सफेद जैकेट में हर्ष, महरून जैकेट में मंजीत। सौजन्य : पुलिस।
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शामली। शहर के माजरा रोड नई बस्ती निवासी कक्षा 11 के छात्र कमल की हत्या कर आरोपी शव को बाइक से 25 किमी दूर नहर पटरी से गंदेवड़ा संगम के निकट ले गए और वहां पहचान मिटाने के उद्देश्य से शव को जला दिया। इस दाैरान आरोपियों को रास्ते में कहीं पुलिस भी नहीं मिली।
एसपी रामसेवक गौतम के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मृतक व आरोपी आपस में दोस्त है। मंजीत की एक छात्रा से दोस्ती थी। कुछ दिन पहले कमल की भी उसी छात्रा से दोस्ती हो गई थी। इसे लेकर मंजीत, कमल से रंजिश रखने लगा। इसे लेकर पूर्व में मारपीट भी हुई। इसके बाद मंजीत ने हर्ष व तुषार के साथ मिलकर कमल की हत्या की योजना बनाई। हर्ष ने कमल को फोन कर बुलाया और उसे गांव मुंडेट कलां के पास नाले के निकट खाली प्लाॅट में ले गया। वहां पर कमल के साथ मारपीट की गई।
मारपीट के दौरान दीवार से टकराने पर सिर में गंभीर चोट लगी और उसकी मौत हो गई। वे शव को वहीं छिपाकर घर आ गए थे। इसके बाद रात में आरोपी शव को ठिकाने लगाने के लिए बाइक से करीब 25 किलोमीटर दूर नहर पटरी से गंदेवड़ा संगम पहुंचे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की उम्र 20- 22 साल के आसपास हैं। nतीन भाई कमल को ही मानते थे अपना बेटा : छात्र कमल के पिता धर्मेंद्र रोहिला चार भाई में तीसरे नंबर का हैं। सबसे बड़ा भाई सतेंद्र व नरेंद्र है जबकि सबसे छोटा जितेंद्र है। सतेंद्र व नरेंद्र के कोई संतान नहीं है। जबकि जितेंद्र के एक पुत्र व एक पुत्री है।
धर्मेंद्र के कमल और उससे छोटी बहन पल्लवी है, जो कक्षा नौ में पढ़ती है। संतान न होने के कारण सतेंद्र व नरेंद्र भी कमल को ही अपना पुत्र मानते थे।
कमल की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना है। नरेंद्र मुंडेट कलां गांव में रहता है जबकि अन्य तीनों भाई माजरा रोड नई बस्ती में रहते हैं। nआरोपी हर्ष परिवार के साथ करता रहा हमदर्दी का नाटक : छात्र के लापता होने की जानकारी मिलने पर परिजन जब उसकी तलाश में जुटे हुए थे तो हर्ष भी उनके साथ रहा, ताकि उस पर किसी तरह का कोई शक न हो सके, लेकिन आखिर में वह पुलिस की पकड़ में आ गया। n15 साल पहले किराये पर रहा हर्ष का परिवार : एसपी के मुताबिक हर्ष मूल रूप से बड़ौत के रहने वाला है। उसके पिता करीब 15 साल पहले परिवार के साथ काम के सिलसिले में शामली आए थे और कमल के पिता के घर पर कई साल तक किराये पर रहा था।