शामली। जीएसटी वृद्धि के विरोध में जिले के ईंट भट्ठा मालिक बुधवार को सड़क पर उतर आए। पैदल मार्च कर कलक्ट्रेट पहुंचे और धरना दिया। धरने के बाद जिले के ईंट भट्ठा स्वामियों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एडीएम संतोष कुमार को सौंपा।
धरना स्थल पर हुई सभा में ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मलिक ने कहा कि 17 सितंबर को लखनऊ में जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई थी। जिसमें ईंट भट्ठे में निर्मित लाल ईंटों पर टैक्स दर में बिना आईटीसी क्लेम किए एक प्रतिशत से बढ़ाकर छह प्रतिशत तक तथा आईटीसी क्लेम करने पर टैक्स दर पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव एक अप्रैल 2022 से पारित किए गए हैं। भट्ठों के ईंटों के दो प्रकार के अव्यवहारिक अनुचित हैं। पिछले दो सालों से कोरोना महामारी के कारण ईंट व्यवसाय पूरी तरह घाटे में चल रहा है।
देशभर के तीन करोड़ बेरोजगार भूमिहीन निर्बल वर्ग के श्रमिकों को रोजगार देने वाले भट्ठा उद्योग व ईंटों पर जीएसटी दर में वृद्धि प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करते हुए आगामी दो साल तक जीएसटी दर से कर मुक्त घोषित किया जाए। धरने में ईंट निर्माता समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा, महामंत्री सुनील कुमार गोयल, सतवीर, धर्मेंद्र मलिक, आशीष, मांगेराम ,ब्रजपाल, डॉ. योगेंद्र, सतीश कुमार, अजय सिंघल, महीपाल सिंह, गुलजार मौजूद रहे।