फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: राजनीति की पिच पर BJP का मास्टर स्ट्रोक, भारत रत्न से जाट लैंड को साधा, कैराना सीट पर सरगर्मियां तेज

Sun, 11 Feb 2024 12:13 PM IST
Dimple Sirohi महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

भले ही भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर पश्चिमी यूपी में आगामी चुनाव के मद्देनजर मास्टर स्ट्रोक खेला हो लेकिन राह आसान नहीं होगी। फिलहाल भाजपा व रालोद के बीच गठबंधन के बाद कैराना लाेकसभा सीट पर सरगर्मियां बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
पीएम मोदी, कैराना सीट, जयंत चौधरी - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भले ही पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने की मांग पुरानी हो लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भारत सरकार ने ऐलान कर बड़ा निशाना साधा है। गन्ना एवं किसानों के इर्द-गिर्द पश्चिमी यूपी में केंद्रित रहने वाली राजनीति की पिच पर भाजपा का यह जबरदस्त मास्टर स्ट्रोक है।

विज्ञापन


इस दांव के सहारे भाजपा कैराना लोकसभा समेत पश्चिमी यूपी में और मजबूर होगी। साथ ही, इसका बड़ा लाभ जयंत चौधरी को मिलेगा। केंद्र सरकार की घोषणा के साथ ही जहां जयंत चौधरी के भाजपा से नजदीकी के संकेत बढ़ गए हैं। वहीं, शुक्रवार को कैराना लोकसभा सीट पर विभिन्न दलों के नेता भाजपा-रालोद के गठजोड़ को लेकर सियासी गणित निकालने में जुटे रहे। 



यह भी पढ़ें: Mission 2024: BJP-RLD गठबंधन का उदय, दावेदारों के अरमान अस्त, बिजनौर सीट रालोद के खाते में जाना लगभग तय

विज्ञापन

कैराना लोकसभा समेत वेस्ट यूपी की राजनीति में रालोद का अहम रोल रहा है। हालांकि वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद एक समय ऐसा लग रहा था कि रालोद शायद अब उभरकर सामने नहीं आएगा। रालोद की प्रतिष्ठा एक तरह से दांव पर लग गई थी। रालोद को पुन पूरी तरह से खड़ा होने में एक दशक से अधिक का समय लगा। अब फिर से चर्चाएं है कि जल्द ही भाजपा और रालोद गठबंधन कर लेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने के बहाने भाजपा ने जाट लैंड पर एक तरह से सटीक निशाना लगाया है। सरकार के इस निर्णय का भाजपा के साथ-साथ रालोद और अन्य दलों के नेताओं ने भी स्वागत किया है। माना जा रहा है कि भाजपा से गठबंधन के बाद रालोद और भी अधिक मजबूत होगी। भारत रत्न की घोषणा के बाद जाट नेताओं के अलावा किसानों और अन्य दलों के नेताओं ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए सराहना की है। 

भाजपा जिलाध्यक्ष तेजेंद्र निर्वाल का कहना है कि गठबंधन को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता। पार्टी हाई कमान का जो भी फैसला होगा, वह मान्य होगा।

रालोद जिलाध्यक्ष चौधरी वाजिद अली का कहना है कि चौधरी जयंत सिंह जो भी तय करेंगे ,वह मान्य होगा। उन्हीं के अनुसार प्रत्याशी को चुनाव लड़ाया जाएगा।

यह भी पढ़ें:  UP: लोकसभा चुनाव से पहले बसपा में फेरबदल शुरू, मुनकाद अली को बनाया मेरठ मंडल प्रभारी


 

सोशल मीडिया पर सराहना करते नजर आए संभावित प्रत्याशी से लेकर नेता
सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री को भारत रत्न देने की घोषणा के बाद संभावित प्रत्याशी रालोद के नवाजिश आलम से लेकर रालोद के चौधरी वाजिद अली, प्रसन्न चौधरी, अशरफ अली, राव वारिश, भाजपा के मनीष चौहान सराहना करते नजर आए। कहा कि चौधरी साहब सम्मान के हकदार हैं।
 
विज्ञापन

आसान नहीं होगी राह
कैराना लोकसभा सीट की यदि बात की जाए तो करीब 17 लाख मतदाता हैं। यहां पर मुस्लिम जाटों का गठजोड़ अधिक देखा जाता है। नए बन रहे समीकरण की बात करें तो भाजपा के पास अपना वोट बैंक हैं तो रालोद को जाट और मुस्लिम वोट अधिक मिलते हैं। गठजोड़ के बाद जिसे भी टिकट मिलता है उसकी राह आसान नही होगी।

गठबंधन के बाद मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट देने पर भाजपा के कौर वोटर छिटक सकते हैंं इसलिए पार्टी को उनको साध कर रखना है। वहीं , रालोद के प्रत्याशी को टिकट मिलने पर बीजेपी के संभावित प्रत्याशियों और अन्य कार्यकर्ताओं को भी मनाकर रखना है। कहीं चुनाव में वह नाराज होकर भाजपा का साथ न छोड़ दें। भाजपा के प्रत्याशी को टिकट मिलता है तो मुस्लिम वोटरों को मनाकर रखना भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

यह भी पढ़ें: Bharat Ratna: आंदोलन की दोबारा तैयारी के बीच साधे देशभर के किसान, इन राज्यों की जाट बिरादरी होगी प्रभावित
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें