शामली। ट्रक में तोड़फोड़ कर गौवंश मुक्त कराने पर पुलिस ने संगीन धाराओं में केस दर्ज किया, तो लोगों में आक्रोश भड़क गया। बृहस्पतिवार को एसपी दफ्तर पर हंगामा-प्रदर्शन करते हुए भाजपा नेताओं और ग्रामीणों ने चेताया कि निर्दोष ग्रामीणों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दो दिन पूर्व पंजाब से बैलों को ट्रक में लादकर लाया रहा था। ट्रक को पुलिस ऊन से थानाभवन की तरफ भेज रही थी कि तभी गांव पिंडौरा ईंट-भट्ठे के पास ग्रामीणों ने ट्रक पकड़ लिया। तोड़फोड़ कर ट्रक में से गौवंश को मुक्त कराया। ट्रक में 17 बैल क्रूरतापूर्वक लादे हुए थे, जिनमें से तीन मर चुके थे।
इसके बाद पुलिस ने भाजपा युवा मोर्चा के नेता सहित 19 लोगों को नामजद और 60 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ ऊन रिपोर्टिंग चौकी पर संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया। इससे गुस्साए पिंडौरा व आसपास के ग्रामीण बृहस्पतिवार को भाजपा जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप, किसान मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पवन तरार और कैराना से पूर्व भाजपा प्रत्याशी अनिल चौहान के नेतृत्व में एसपी दफ्तर पहुंचे।
एसपी विजय भूषण से उन्होंने कहा कि ऊन चौकी पर कुछ लोग दलाली करते हैं। वही लोग गौवंश से लदे ट्रक को निकाल कर थानाभवन ले जा रहे थे। पिंडौरा ईंट-भट्ठे के पास ट्रक से एक बाइक सवार को टक्कर मारने की कोशिश भी की गई। इसी कारण ग्रामीणों में गुस्सा भड़का था।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें कई युवक ऐसे हैं जो पुलिस और सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। यदि उनके खिलाफ कार्रवाई होती है, तो करियर बर्बाद हो जाएगा। ग्रामीणों की मांग है कि दर्ज कराया गया केस खारिज कराया जाए।
साथ ही इस केस की विवेचना ऊन चौकी या झिंझाना थाने से हटाकर दूसरे किसी उच्च अधिकारी से कराई जाए। इस दौरान भाजयुमो जिलाध्यक्ष अभय तोमर, सुनील कुमार, जसवीर सिंह, सचिन, विक्रम सिंह, रामपाल सिंह, अजीत सिंह, धीर सिंह, कपिल खाटियान आदि थे।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने कहा कि ऊन चौकी क्षेत्र में अपराध लगातार हो रहे हैं। गौवंश तस्करी और शराब तस्करी चल रही है, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। आरोपियों को पकड़ने के बाद छोड़ दिया जाता है। आरोप है कि पुलिस की साठगांठ से घटनाएं हो रही हैं।
अपराध रोकना और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस का काम है। ग्रामीणों को ट्रक में तोड़फोड़ कर हंगामा नहीं करना चाहिए था। निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, जो सही आरोपी हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच सीओ से कराई जाएगी। - विजय भूषण, एसपी