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बड़ी कार्रवाई: पौने पांच करोड़ के गबन मामले में शामली और अमरोहा के DCO समेत 11 निलंबित, पढ़ें-पूरा मामला

Mon, 30 Oct 2023 08:29 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

शामली और अमरोहा में पौने पांच करोड़ के गबन के मामले में डीएसओ समेत 11 को निलंबित किया गया है। कार्यालय के बाबू ने गबन किया था। वहीं जांच टीम ने माना बिना अधिकारियों की मिलीभगत के गबन नहीं हो सकता। उधर कार्रवाई के बाद डीसीओ बोले, मुझ पर लगाया गया गबन का आरोप बेबुनियाद है, बाबू पर तुरंत ही कार्रवाई कर दी थी
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निलंबित जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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शामली के जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह और अमरोहा के डीसीओ डाॅ. अजय सिंह समेत 11 को अमरोहा में गन्ना विभाग में हुए पौने पांच करोड़ रुपये के गबन के मामले में निलंबित कर दिया गया। विजय बहादुर पिछले तीन साल से शामली में तैनात हैं। एसआईटी ने भी जांच कर मामले की रिपोर्ट आलाधिकारियों को सौंपी थी।

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बीते साल गन्ना विभाग में साढ़े चार करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था। उप गन्ना आयुक्त मुरादाबाद द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम ने जांच कर सौंपी रिपोर्ट में कहा था कि जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के बाबू आशीष सैनी पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गजरौला के साथ ही गन्ना विकास परिषद चंदनपुर कार्यालय की भी जिम्मेदारी है। टीम ने वर्ष 2018-19 से 2022-23 तक के अभिलेखों की जांच की। जिसमें पाया कि अमरोहा गन्ना विभाग के काबू आशीष सैनी ने अलग-अलग बैंक से रकम की निकासी की।

इसके अलावा आशीष सैनी द्वारा अपनी पत्नी प्रीति सैनी के गन्ना विकास परिषद गजरौला व चंदनपुर के यूनियन बैंक अमरोहा, कैनरा बैंक अमरोहा, एचडीएफसी अमरोहा, पंजाब नेशनल बैंक अमरोहा, कैनरा बैंक गजरौला, एक्सिस बैंक गजरौला एवं जिला सहकारी बैंक के खाते में से रकम ट्रांसफर की। गबन की पुष्टि होने पर तत्कालीन ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रीतम सिंह ने 16 जुलाई-22 को थाना गजरौला में आशीष सैनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।

उधर, मामला हाई प्रोफाइल हो जाने और अगस्त में डीसीओ कार्यालय के अभिलेख चोरी का थाना अमरोहा देहात में एससीडीआई प्रीतम सिंह सहित आठ के खिलाफ केस दर्ज होने पर जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। इसके अलावा विभागीय जांच भी कराई गई।
 

क्राइम ब्रांच और पुलिस द्वारा वर्ष-2012 तक के अभिलेखों की जांच में परत खुलती चली गईं। सामने आया कि साढ़े चार करोड़ रुपये का गबन बाबू आशीष सैनी अपने वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत के बिना नहीं कर सकता था। वह जिस रकम को निकालता था, उस पर तत्कालीन अधिकारियों से ही हस्ताक्षर कराता था।

पौने पांच करोड़ रुपये के गबन में उनकी संलिप्तता पाई जाने पर शनिवार की रात विजय बहादुर सिंह, डीसीओ डॉ. अजय सिंह और विभाग के 9 अन्य कर्मचारियों समेत 11 को निलंबित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। गौरतलब है कि इस मामले में अमरोहा पुलिस ने आरोपी आशीष सैनी को 17 मार्च 2023 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
 
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प्रदेश के गन्ना राज्य मंत्री लक्ष्मी नारायण सिंह का कहना है कि अमरोहा के घोटाले में निलंबित किए गए दो डीसीओ समेत 11 गन्ना अधिकारी, कर्मचारी शामिल है। जिनमें डीसीओ शामली विजय बहादुर सिंह भी शामिल है। घोटाले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है।
 
गबन का आरोप बेबुनियाद, तुरंत बाबू को किया था निलंबित
इस बारे में शामली के डीसीओ विजय बहादुर सिंह का कहना है कि उन पर लगाया गया गबन का आरोप बेबुनियाद है। उन्हें गबन का कोई आदेश नहीं मिला है। अमरोहा में तैनाती के दौरान जिस बाबू ने गबन किया था, उ से निलंबित कर दिया गया था। मेरा गबन से कोई लेना देना नहीं है।
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