शामली। जिले के करीब 1.09 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रणाली पर रोक लगाते हुए इन्हें पोस्टपेड व्यवस्था में बदलने का निर्णय लिया है।
इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं को हर माह की तरह सामान्य बिजली बिल मिलेगा और उन्हें पहले की तरह रिचार्ज कराने की अनिवार्यता से छुटकारा मिलेगा। इससे खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जो बार-बार रिचार्ज और अनियमित बिलिंग से परेशान थे।
ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के शहरी क्षेत्रों में करीब 1.09 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके थे। अब शासन के निर्देशानुसार इन मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली के अनुरूप संचालित किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी और उपभोक्ताओं को चरणबद्ध तरीके से नई व्यवस्था का लाभ मिलेगा
उपभोक्ताओं ने जताई राहत
शहर के मोहल्ला बडियाल निवासी राहुल बेदी और मंजीत पुंडीर ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उन्हें लगातार अधिक बिल का सामना करना पड़ रहा था। इससे परिवार का बजट बिगड़ रहा था। अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने से उन्हें राहत मिलेगी और बिजली बिल की पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
नई व्यवस्था से क्या बदलेगा
पोस्टपेड प्रणाली लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को हर महीने बिल जारी किया जाएगा, जिसे तय समय सीमा में जमा करना होगा। इससे रिचार्ज खत्म होने पर अचानक बिजली कटने जैसी समस्या से भी निजात मिलेगी। साथ ही उपभोक्ताओं को अपने उपयोग के अनुसार बिल का आकलन करने में भी आसानी होगी।
उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि सरकार के इस निर्णय से बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक विवादों में कमी आएगी। वहीं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कर उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।