विद्यालयों में बूथ बनाने की नहीं है गाइडलाइन
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने बताया कि शासन की तरफ से 12 से 14 साल के किशोरों को टीके लगाने के लिए विद्यालयों में बूथ बनाकर टीकाकरण करने का निर्देश नहीं हुआ है। केवल अस्पताल में ही बूथ बनाए जाएंगे। विद्यालयों में बूथ न बनाने की वजह ये मानी गई है, कि उम्र कम होने के कारण अगर टीका लगने के बाद कोई दिक्कत होती है, तो तत्काल उपचार सुविधा मिल सके। हालांकि अभी तक इस आयु के किशारों में टीका लगने के बाद किसी को कोई समस्या नहीं आई है।
ये बोले प्रधानाचार्य
आरके इंटर कालेज शामली के प्रधानाचार्य कैप्टन लोकेंद्र सिंह का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण ही सुरक्षा कवच है। सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को टीका लगवाना चाहिए। अब 12 से 14 साल के किशोरों को टीकाकरण होने के बाद देश की 90 प्रतिशत आबादी कोरोना से सुरक्षित हो जाएगी। शासन से दिशा निर्देश मिलते ही कक्षावार बनाए गए मोबाइल व्हाटसएप ग्रुप व अन्य माध्यमों से इस आयु वर्ग के कक्षा छह से आठ तक के छात्रों व उनके अभिभावकों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
श्री जैन कन्या इंटर कालेज शामली की प्रधानाचार्या डॉ. रुचिता ढाका का कहना है कि कोरोना से बचाव का उपाय एक मात्र टीका ही है। इसलिए सभी को वैक्सीन का टीका लगवाना चाहिए। टीका लगने से किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है।