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अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य: 12 से 14 साल के किशोरों के टीकाकरण की गति बढ़ने में परीक्षा का अड़ंगा

Mon, 28 Mar 2022 05:30 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

सरकार ने 16 मार्च से 12 से 14 साल के किशोरों को टीकाकरण की शुरूआत की है।
लेकिन शुरुआती दिनों में कम संख्या में किशोर टीकाकरण के लिए पहुंच रहे हैं।इसकी एक वजह इस समय परीक्षाएं चलना भी माना जा रहा है।
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कोरोना टीकाकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वैक्सीन का टीका ही कोरोना से बचने का सुरक्षा कवच है। सरकार ने आठ दिन पहले 12 से 14 साल के किशोरों को टीका लगाने की शुरूआत की है, लेकिन टीकाकरण गति नहीं पकड़ पा रहा है। इसकी एक वजह ये निकलकर सामने आई है कि इस समय यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही है और अगले महीने से सीबीएसई की परीक्षाएं शुरू होगी। परीक्षाओं को देखते हुए किशोर कम संख्या में टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि यह बात सही है कि कोरोना से बचाव के लिए टीका ही उपाय है। 

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सरकार ने तीन जनवरी से 15 से 18 साल के किशोरों को कोरोनारोधी टीकाकरण शुरू किया था। उस समय कोरोना संक्रमण पीक पर था। इससे बचने के लिए अभिभावकों ने किशोरों को ज्यादा से ज्यादा टीके लगवाने में रूचि ली थी।

टीकाकरण तेजी से हुआ था और स्कूल-कालेजों भी बूथ बनाकर टीके लगाए थे। इसका परिणाम ये हुआ था कि लगभग एक माह में ही इस आयु के 95970 किशोरों को टीके लगाने का लक्ष्य पूरा हो गया था। अब तक 15 से 18 साल के 98783 किशोरों को टीकाकरण हो चुका है, जो लक्ष्य के सापेक्ष 102.93 प्रतिशत है।
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अब सरकार ने 16 मार्च से 12 से 14 साल के किशोरों को टीकाकरण की शुरूआत की है। अब तक 57963 के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 0.65 प्रतिशत टीकाकरण हो पाया है। एक बूथ पर दिनभर में मुश्किल से 10 से 15 किशोर ही टीका लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसकी एक वजह इस समय परीक्षाएं चलना भी माना जा रहा है। परीक्षा के दौरान अभिभावकों और किशोरों को लगता है कि अगर टीका लगने के बाद बुखार या अन्य कोई समस्या हुई तो परीक्षा की तैयारियां बाधित हो सकती है। 

हालांकि अभी तक जितने भी किशोरों को टीके लगे हैं, उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। किशोरों को टीकाकरण को लेकर अभिभावकों से बातचीत की गई तो उनका कहना है कि कोरोना से बचने का एक मात्र उपाय टीका ही है। उधर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर का कहना है कि टीकाकरण कम होने की एक वजह परीक्षा चलना माना जा रहा है।

उनका कहना है कि टीका लगने से किसी तरह की कोई समस्या नहीं होती। अगर किसी को हल्का बुखार हो भी जाता है तो वह कुछ समय बाद सामान्य हो जाता है। उन्होंने कहा कि सभी अभिभावक अपने बच्चों को टीका जरूर लगवाएं और कोरोना संक्रमण के खतरे से बचाएं। 
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ये बोले अभिभावक
  • बाबरी निवासी अभिभावक संजय मित्तल का कहना है कि टीका ही कोरोना से बचने का सुरक्षा कवच है। सभी को अपने बच्चों को टीका लगवाना चाहिए। 
  • मोहल्ला काकानगर निवासी अमित शर्मा ने बताया कि उसकी बड़ी बेटी को टीका लग चुका है। किसी तरह कोई समस्या नहीं हुई। छोटी बेटी को भी जल्द ही टीका लगवाएंगे। 
  • मोहल्ला विवेक विहार निवासी संदीप सिंह का कहना है कि उसका बेटा नौवीं कक्षा में है। वह जल्द ही बेटे को टीका लगवाएंगे। सभी को अपने बच्चों को टीका लगवाना चाहिए।
  • मोहल्ला नया बाजार निवासी नवीन गर्ग ने बताया कि उसकी बेटी 12वीं है ओर उसे टीका लगवा चुके हैं। टीका लगने से उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई है।
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