शामली। जिले में 12 से 14 साल के किशोरों को कोरोनारोधी टीकाकरण चल रहा है, लेकिन टीका लगवाने वालों की संख्या अभी कम है। मात्र 0.86 प्रतिशत टीका हुआ है। उधर, जनवरी माह में शुरू हुए 15 से 18 साल के किशोरों की टीकाकरण की गति तेज रही है। जिले में इस आयु वर्ग के किशोरों को 102.97 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। टीके की दोनों डोज लगवा चुके इस आयु के किशोरों से बातचीत की गई। उनका कहना है कि वे टीका लगवाकर कोरोना से सुरक्षित हो चुके हैं। जो रह गए हैं, उन्हें भी टीका लगवाकर कोरोना को हराने में सहयोग करना चाहिए।
जिले में 16 मार्च से 12 से 14 साल किशोरों को टीकाकरण शुरू हुआ था। अब तक जिले में 57963 के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 500 किशोरों को टीकाकरण हुआ है, जो लक्ष्य के सापेक्ष 0.86 प्रतिशत है। उधर, तीन जनवरी से 15 से 18 साल के किशोरों को टीकाकरण शुरू हुआ था। इस आयु वर्ग के 95970 किशोरों को टीके का लक्ष्य रखा गया था।
लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 98819 किशोर टीके की पहली डोज लगवा चुके हैं, जो 102.97 प्रतिशत है। दूसरी डोज लगवाने वाले किशोरों की संख्या 53089 है, जो लक्ष्य का 55.32 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि 15 से 18 साल के किशोरों को टीके लगाने की गति तेज रही है जबकि अब 12 से 14 साल के किशोरों में टीकाकरण की गति धीमी है।
बुधवार को सीएचसी पर टीका लगवाने आई 13 वर्षीय अनुष्का ने कहा कि कोरोना से जीवन को सुरक्षित रखने के लिए टीका लगवाना जरूरी है। इसलिए वह अपनी मां रितु वत्स के साथ टीका लगवाने आई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर का कहना है कि टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए अभिभावकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।