शामली। मजदूरों, छात्रों और बेरोजगार युवकों के बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले साइबर ठगों ने पुलिस से बचने के लिए नया नेटवर्क तैयार कर लिया है।
अब वे दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रॉपर्टी डीलरों, मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी करने वाले कर्मचारियों और अन्य संपन्न लोगों के बैंक खाते 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर लेकर ठगी की रकम का लेनदेन कर रहे हैं। शामली पुलिस की जांच में ऐसे 12 खाताधारकों की पहचान हुई है।
पुलिस अब इनके माध्यम से पूरे साइबर गिरोह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ठग ऐसे लोगों को निशाना बना रहे हैं, जिनके खातों में सामान्य रूप से बड़ी रकम का लेनदेन होता रहता है। इससे बैंक और जांच एजेंसियों को शुरुआती स्तर पर संदेह कम होता है। ठगी की रकम पहले इन खातों में भेजी जाती है और फिर कुछ ही मिनटों में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है।
n वेस्ट यूपी के 100 से अधिक लोग साइबर ठगी के शिकार :
पुलिस के अनुसार प्रॉपर्टी डीलर, नौकरीपेशा लोगों और ठेकेदारों के बैंक खाते किराये पर लेकर साइबर ठग शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, सहारनपुर, बिजनौर, बुलंदशहर, गाजियाबाद समेत वेस्ट यूपी के जिलों के अलावा दिल्ली, हरियाणा और देहरादून के 100 से अधिक लोगों से ठगी कर चुके हैं।