रोडवेज डिपो के लिए भूमि देने की पेशकश
ॅशामली। शहर के मेरठ- करनाल मार्ग पर शामली रोडवेज डिपो के लिए 12 बीघा भूमि बेचने की एक परिवार ने डीएम से मिलकर पेशकश की है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अफसरों को शामली के इस परिवार की मिली पत्रावली पर कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम शामली रोडवेज डिपो व कार्यशाला प्रस्तावित हैं। शामली रोडवेज डिपो व कार्यालय के लिए फतेहपुर गांव की मुजफ्फरनगर-शामली मार्ग पर नौ बीघा भूमि को तीन साल पहले जिला प्रशासन को 47 लाख रुपये की धनराशि अदा करके उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अफसरों को कब्जा दिलाया था। निगम के अफसरों ने भूमि का बैनामा कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया तो खुलासा हुआ कि फतेहपुर गांव की 9 बीघा भूमि का वह पट्टे पर देना चाहता हैं। सहारनपुुर परिक्षेत्र के आरएम ने इस मामले में नौ बीघा भूूमि का बेनामे की कार्रवाई के लिए मंडलायुक्त सहारनपुर व डीएम को मिलकर अनुरोध किए गए हैं, मगर जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि का बेनामा नही हो सकता है यह तर्क देकर हाथ खींच लिए है। बेनामा न होने से क्षुब्ध रोडवेज के अफसरों ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंधक निदेशक व चेयरमैन को पत्र भेजकर जिला प्रशासन को जमा कराई गई 47 लाख रुपये की धनराशि वापस मांगने की संस्तुति भेजी दी थी। उत्तर प्रदेश शासन से शामली डिपो की भूमि के लिए जिला प्रशासन को जमा कराए गए 47 लाख धनराशि के मामले में शासन से अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है, लेकिन शामली शुगर मिल निवासी शुची गुप्ता पत्नी अंकुर गुप्ता ने शामली रोडवेज डिपो व कार्यशाला के लिए 12 बीघा भूमि बेचने की पेशकश कर दिए जाने से नया मोड़ आ गया है। एआरएम मनोज वाजपेयी ने बताया कि शुची गुप्ता व अंकुुर गुप्ता द्वारा रोडवेज डिपो व कार्यालय के लिए भूमि बेचने का पत्र व कागजात डीएम शामली के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि शुची गुप्ता की यह भूमि मेरठ करनाल रोड पर शामली बस अड्डे से दो किमी दूरी पर है। वह इस मामले में पहले भूमि की बिक्री की पेशकश करने वाले परिवार को सत्यापित करके भूमि की जांच कराकर आरएम सहारनपुर मनोज पुंडीर को रिपोर्ट भेज देंगे।