ऊन। कस्तूरबा गांधी आवासी बालिका विद्यालय में छात्राओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। सर्दी के चलते विद्यालय में जांच करने पर 25 छात्राएं बीमार पाई गईं। मामले में उप जिलाधिकारी ने बीईओ से रिपोर्ट मांगी है।
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राएं ठंड से ठिठुर रही हैं। विद्यालय में ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है। विद्यालय में करीब 25 बालिका उलटी, दस्त, पेट दर्द, खासी नजला जुकाम से पीड़ित है। विद्यालय में कुल 94 बालिका पंजीकृत है, जिनमें से 79 बालिकाएं उपस्थित पाई गई। बाकी छात्राएं पहले ही बीमारी से पीड़ित होने के कारण घर भेज दिए गए थे।
शनिवार को हर माह की तरह स्वास्थ्य विभाग द्वारा बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसमें 25 बालिकाएं बीमार मिली, कुछ बालिकाओं के हाथ पैरों में सूजन मिली। जैसे ही इसकी जानकारी तहसील प्रशासन को लगी। उप जिलाधिकारी अर्चना शर्मा ने संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी विकास कुमार को विद्यालय में पहुंचकर जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय में पहुंचकर बीमार हुए बच्चों को उनके परिजनों को बुलाकर घर भेजने के निर्देश दिए तथा बाकी बच्चों को ठंड से बचाव हेतु उपाय करने के निर्देश दिए। विद्यालय में ठंड से बचाव हेतु संसाधनों का अभाव है, स्कूल में रूम हीटर भी नहीं है। स्कूल वार्डन शालू चौधरी ने बताया कि बिजली के एक वर्ष के लिए केवल डेढ़ लाख रुपए ही आते है।
स्कूल पर 9 लाख रुपए बिजली का बिल बकाया है। विद्यालय में सुरक्षा की दृष्टि से गार्ड तैनात किए गए हैं, लेकिन 1 जनवरी से कोई भी गार्ड विद्यालय में तैनात नहीं है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि विद्यालय में निरीक्षण किया गया, जिसमें बालिकाएं बीमार मिली है।
वार्डन को विद्यालय के बालिकाओं के परिजनों को बुलाकर घर भेजने के निर्देश दिए हैं तथा रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी गई है। उप जिलाधिकारी अर्चना शर्मा ने बताया की बालिकाओं के बीमार होने की सूचना मिली है, खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालय में पहुंचकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने तथा रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।