वेदों का स्वाध्याय कर जीवन को सार्थक बनाना जरूरी
शामली। ऋषि बोध उत्सव के सातवें दिन सुबह आर्य समाज से प्रभात फेरी निकाल कर आर्य समाज की वेदवाणी का प्रचार किया। वैदिक यज्ञ एवं प्रवचन के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। आर्य उपदेशक नरेश दत्त आर्य ने कहा कि वेदों का स्वाध्याय कर जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।
आर्य समाज मंदिर के तत्वावधान में चल रहे ऋषि बोध उत्सव के सातवें दिन आर्य समाज में यज्ञ का आयोजन किया गया। मुख्य यज्ञमान नितिन वर्मा रहे। यज्ञ डॉक्टर रविदत्त आर्य ने यज्ञ संपन्न कराया। बिजनौर से आए भजन उपदेशक नरेश दत्त आर्य ने कहा कि लोभ व क्रोध का त्याग कर स्वाध्याय कर जीवन को सार्थक बनाए। संस्कारों से संतान का उचित मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि बच्चे को अच्छा वातावरण एवं व्यवहार दिया जाए तो बच्चों का अच्छा व्यक्तित्व बनेगा। वास्तव में मनुष्य का निर्माण संस्कारों से ही होता है। कार्यक्रम का संचालन पूर्व मंत्री दिनेश आर्य ने किया।
आर्य समाज की पत्रिका ‘वैदिक दर्पण ’का विमोचन
जिला आर्य प्रतिनिधि सभा शामली के तत्वावधान में आर्य समाज में जिला आर्य सम्मेलन एवं ‘वैदिक दर्पण ’ पत्रिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आर्य समाज सार्वदेशिक प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली के प्रधान स्वामी आर्यवेश रहे। विशिष्ट अतिथि गुरुदत्त आर्य व नरेश दत्त आर्य रहे। जिला आर्य प्रतिनिधि सभा एवं आर्य समाज शामली द्वारा अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर स्वामी आर्यवेश ने कहा कि यज्ञ में आहुति देने से पर्यावरण शुद्ध होता है। यज्ञ की परंपरा को अब विदेशों में भी जाना जाने लगा है। उन्होंने स्वामी दयानंद के ज्ञान बोध के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज सैकड़ों वर्षों से समाज में फैली कुरीतियों के लिए उन्मूलन के लिए कार्य कर रहा है। अंत में स्वामी आर्यवेश, गुरुदत्त आर्य, नरेश दत्त आर्य ने ‘वैदिक दर्पण ’ पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर आर्य समाज के संरक्षक रघुवीर सिंह आर्य, मंत्री रविंद्र आर्य, आर्य विद्या सभा के प्रधान राजपाल आर्य, बीरबल आर्य, पूरण चंद आर्य, भीष्म कुमार आर्य, सुभाष हटवाल, रमेश विश्वकर्मा, सुशील आर्य, कमला आर्य, नीलम आर्य, पूनम आर्य, मंजू आर्य, श्वेता आर्य, मृणाली आर्य, मीनाक्षी आर्य आदि उपस्थित रहे।