अमर उजाला ब्यूरो
झिंझाना। मेरठ-करनाल हाईवे स्थित गांव म्यान कसबा और काला माजरा के पास एक माह से चल रहा मुर्गी फार्म ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। मुर्गी फार्म से मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीण गांवों में महामारी फैलने की आशंका से भयभीत है। आरोप है कि अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कार्रवाई न होने पर पलायन करने की चेतावनी दी है।
क्षेत्र के गांव म्यान कस्बा और काला माजरा के बीच आबादी में एक माह से मुर्गी पालन के लिए आठ बीघा भूमि में मुर्गी फार्म तैयार किया गया है। यह आबादी से बिल्कुल सटा हुआ है, जो मानक के अनुसार ठीक नहीं है। मुर्गी फार्म बनने से गांव कालामाजरा, म्यान कस्बा आदि में मच्छरों के साथ ही मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। म्यान कस्बा के ग्राम प्रधान आजाद और काला माजरा की प्रधान कमलेश के अलावा ग्रामीण सुंदर, सुभाष, राजेश, संजय, सोनू, मुन्ना, नौशाद, सोमपाल, देवी सिंह, मुकेश, बलबीर, रवि, रेशपाल, ओमपाल, बीरबल आदि ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण फरीदकोट हाउस नई दिल्ली के अध्यक्ष को करने के साथ ही डीएम अखिलेश सिंह से भी कर चुके है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधानों का कहना है कि मुर्गी फार्म शुरू होने से दोनों गांवों के अलावा आसपास के गांवों में भी महामारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है। चेतावनी दी कि अगर गांव में मुर्गी फार्म बंद नहीं किया जाता, तो ग्रामीण गांव से पलायन करने को मजबूर होंगे। उधर, इस संबंध में मुर्गी फार्म संचालक चंद्रभान सिंह ने बताया कि उन्होंने सरकार की अनुमति लेकर मानक के अनुसार मुर्गी फार्म का निर्माण कराया है।
ग्रामीण बोले...
ग्राम म्यान कस्बा निवासी सुंदर का कहना है कि गांव मेें मुर्गी फार्म खुलने से रात में हवा में इतनी बदबू आती है कि रात में सोना भी दुश्वार है। खुले में सांस नहीं लिया जा रहा है। बच्चों में चर्म रोग के अलावा सांस की बीमारी बढ़ रही है।
ग्रामीण मुन्ना का कहना है कि एनएनजीटी दिल्ली में भी रिट डाली हुई है, जो विचाराधीन है। अगर गांव में मुर्गी फार्म रहेगा तो लोग पलायन को मजबूर होंगे।
कोट...
ये मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अभी तक कोई शिकायत भी संज्ञान में नहीं आई। लेखपाल को भेजकर जानकारी कराई जाएगी। - सुरेंद्र सिंह, एसडीएम ऊन