इंद्रपाल सिंह पांचाल
शामली। लंबी प्रतीक्षा के बाद हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली 104 किमी लंबी मेरठ-पानीपत नई रेल लाइन के लिए 1097.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2021-22 में देवबंद-रुड़की 27.45 किमी लंबी नई रेल लाइन के लिए भी 81 करोड़ 99 लाख 60 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। दिल्ली-शामली से सहारनपुर के टपरी तक रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम भी होगा। 175 किमी लंबी रेल लाइन पर 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन प्रस्तावों को बजट के बाद रेलवे की पिंक बुक में शामिल कर लिया गया है।
हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली मेरठ-पानीपत नई रेलवे बिछाने के लिए 25 साल पहले प्रस्ताव तैयार हुआ था। इस रेलवे लाइन से दो औद्योगिक शहर मेरठ और पानीपत आपस में जुड़ जाएंगे। 25 साल में इस परियोजना की लागत बढ़ती गई, लेकिन यह धरातल पर नहीं आ पाई है। पहली बार वर्ष 2009 के रेल बजट में तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी ने मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के सर्वे की घोषणा की थी। वर्ष 2016 के बजट में तत्कालीन रेेलमंत्री सुरेश प्रभु ने मेरठ-पानीपत नई रेल लाइन के लिए 2200 करोड़ रुपये और दिल्ली-शामली-सहारनपुर के दोहरीकरण के लिए 1500 करोड़ रुपये के बजट का प्राविधान किया था। अब तक इन परियोजनाओं के लिए बजट जारी नहीं हो पाया था।
उत्तर रेलवे नई दिल्ली स्टेट एंट्री रोड कार्यालय के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार के मुताबिक वर्ष 2021-22 के बजट में 104 किमी लंबी मेरठ-पानीपत नई रेल लाइन के लिए 1097.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। यह कार्य पिंक बुक में शामिल किया गया है। इसके अलावा 27.45 किमी लंबी देवबंद-रुड़की नई रेल लाइन के लिए 121.46 करोड़ रुपये के सापेक्ष मार्च 2020 तक 167.58 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वर्ष 2021-22 के बजट में इसके लिए अतिरिक्त 80 करोड़ 99 लाख 60 हजार रुपये का प्राविधान किया गया है।
दिल्ली-शामली से सहारनपुर के टपरी तक 175 किमी लंबी रेल लाइन के दोहरीकरण को भी बजट में शामिल किया गया है। इस पर 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पिछले वर्ष के बजट में इस परियोजना के लिए तीन करोड़ 14 लाख रुपये रखे गए थे। बजट में मुजफ्फरनगर-टपरी तक रेल लाइन के दोहरीकरण को भी शामिल किया गया है। 55.47 किमी लंबाई की मेरठ- मुजफ्फरनगर आंशिक दोहरीकरण के लिए स्वीकृत 221.44 करोड़ रुपये में से 176.10 करोड़ रुपये व्यय हो चुका है। वर्ष 2021-22 के लिए अतिरिक्त बजट जारी नहीं हुआ है।
-------------------
मेरठ-पानीपत रेल लाइन का कई बार बदला रूट
- बागपत और मुजफ्फरनगर सांसद अपने क्षेत्रों में करवा चुके सर्वे
शामली। मेरठ-पानीपत नई रेल लाइन का रूट पहले पानीपत से मेरठ कैंट तक शामली, मुजफ्फरनगर होते हुए घोषित किया गया था। वर्ष 2013-14 में मोदी सरकार बनने के बाद रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने बजट में 2200 करोड़ रुपये का प्राविधान इसके लिए किया लेकिन रेल लाइन को मेरठ कैंट के बजाए दौराला को जोड़ने का प्रस्ताव शामिल कर दिया गया। बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह ने अपने पिछले कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री बनने के बाद शामली से बागपत जिले को शामिल करते हुए रेल लाइन का सर्वे कराया। यह सर्वे रेलवे मंत्रालय में पिछले दो साल से गया हुआ है, लेकिन इस सर्वे को लेकर अभी निर्णय नहीं हुआ। इन जिलों में मेेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन का नया सर्वे क्या होगा, इसकी जानकारी नहीं है।
--------
इन्होंने कहा...
केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान का कहना है कि मेरठ-पानीपत रेल लाइन का सर्वे हो चुका है। जल्द ही इसका कार्य शुरू कराया जाएगा। कुछ प्रस्ताव बजट में शामिल हुए हैं।