गांव गंगेरू में पानी पीने योग्य नहीं
कांधला। गांव गंगेरू में कैंसर से हुई मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर कैंप लगाया। टीम ने पानी के नमूने भी लिए।
क्षेत्र के गांव गंगेरू में पिछले कुछ दिनों से दूषित पानी के कारण लोगों को कैंसर जैसी बीमारी होने की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से की जा रही है। ग्रामीण इकराम, देवेंद्र, इ्रसराइल, मोहम्मद, यामीन, सरवर, वसी हैदर, राहुल, दिनेश आदि के अनुसार गांव में पानी पीने योग्य नहीं है। इस कारण बीमारी फैल रही हैं। एक वर्ष में गांव के एक दर्जन से ज्यादा लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंचकर खानापूर्ति करके लौट जाती है, लेकिन ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। गांव में कैंसर की बीमारी से हनीफ, साहिब, अली मूसा, आफताब, हैदर, मुर्शरत जहां, आलम सहित कई ओर अन्य लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग इस बीमारी से पीड़ित चल रहे हैं।
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग से जिला मलेरिया अधिकारी डाक्टर विनय कुमार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर रमेश चंद्रा, संक्रामक रोग विशेषज्ञ राजेश कुमारी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक कृष्ण कुमार, लैब सहायक अवधेश कुमार व स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पवन जैन गांव मे पहुंचे। चिकित्सा प्रभारी के अनुसार गांव में कैंप लगाकर जांच की र्गइ, लेकिन कैंप में कैंसर से पीड़ित कोई मरीज नहीं मिला। इसके बाद टीम ने महिला नजमा 35 वर्ष, नफीसा 42 वर्ष के घर पर पहुंचकर उनके परिजनों से वार्ता की। मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद कैंसर से मौत होने की पुष्टि की। ग्रामीणों द्वारा गांव में दूषित पानी की शिकायत पर टीम ने गांव के चार अलग अलग स्थानों से पानी के सैंपल भी लिए। मामले में चिकित्सा प्रभारी डाक्टर रमेश चंद्रा ने बताया कि दूषित पानी से कैंसर नहीं होता है अन्य बीमारी मरीजों में हो सकती है। कैंसर होने का कोई कारण स्पष्ट नहीं है।