शामली। साहब... प्रदूषित पानी हो चुका है, इस कारण गांव में कैंसर और हेपेटाईटिस जैसी बीमारी फैल रही है। जिले के कई गांवों में इस तरह के केस सामने आ रहे हैं। मगर चिकित्सकों का मानना है प्रदूषित पानी से किसी भी सूरत में ये बीमारियां नहीं हो सकती।
जिले के गांव डांगरौल, गंगेरू, अलीपुर, मामौर गांव में कैंसर से मौत होने की बात सामने आती रहती है। इसके लिए इन गांवों में हेपेटाईटिस के मरीज भी सौ से अधिक हैं। ग्रामीणों ने पूर्व में कई बार गांव में प्रदूषित पानी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका मानना है कि प्रदूषित पानी के कारण कैंसर और हेपेटाईटिस जैसी खतरनाक बीमारी होती है। हाल ही में गांव गंगेरू में हुई कैंसर से मौत के मामले में भी दूषित पानी को ग्रामीण कारण बता रहे है। उधर, डॉक्टर इससे सहमत नहीं है। डाक्टरों का मानना है कि पानी के कारण कैंसर और हेपेटाईटिस बी और सी जैसी बीमारी नहीं हो सकती है। उधर, एसीएमओ डॉ. नेतराम के अनुसार पानी के कारण उल्टी, दस्त, टाइफाइड, खूनी दस्त, हेपेटाईटिस ए आदि बीमारियां होती है। यदि प्रदूषित पानी कोई पीता है तो इन बीमारियां का शिकार हो जाता है और ये यह समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण ये बीमारियां जानलेवा हो सकती है। उधर, सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि जिले में कही कैंसर और हेपेटाइटिस जैसी बीमारी होती है तो इसके लिए पानी को जिम्मेदार ठहराया जाता है, लेकिन पानी इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। फिर भी सभी शुद्घ पानी, उबालकर पीये ताकि अन्य बीमारियां से बचा जा सके।
उबालकर पानी पीएं और स्वस्थ रहे
डॉक्टरों के अनुसार हमेशा पानी को उबालकर पीना चाहिए। पानी को उबाले और उसके बाद उसे ठंडा होने दें। जब पानी सामान्य हो जाए तो उसे पीने के प्रयोग में लाए। यहां तक कि खाना पकाने में भी इसी पानी का प्रयोग करना चाहिए।
कैंसर एक ऑटोजनिक बीमारी
एसीएमओ ने बताया कि कैंसर एक ऑटोजनिक बीमारी है। इसके कई कारण हो सकते हैं। वंशानुगत इनमें प्रमुख है, लेकिन अभी तक इसका प्रमुख कारण निकलकर सामने नहीं आया है। जब यह शरीर में पनप रहा होता है तो शुरूआत में इसका पता चल जाए तो इलाज संभव है, लेकिन में रेयर केस ही है जिनमें इलाज हो पाता है।