खोखरी नदी क्षेत्र में अतिक्रमण हटवाते कर्मचारी। संवाद
चौसाना। विलुप्त हो चुकी खोखरी नदी को पुनर्जीवित करने के अभियान में प्रशासन ने रफ्तार बढ़ा दी। मंगलवार को दस से अधिक बुलडोजर मशीनों ने कब्जाधारियों के खेतों में पहुंचकर चिह्नित क्षेत्र में खोदाई का कार्य तेज कर दिया। दिनभर चले अभियान में करीब पांच मीटर गहराई तक नदी की खोदाई की गई।
एनजीटी के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन ने सोमवार को शामली-सहारनपुर सीमा से लगे खेतों में राजस्व टीम के साथ पहुंचकर नदी की पुरानी धारा की निशानदेही कर खोदाई शुरू कराई थी। दूसरे दिन संसाधनों की संख्या बढ़ाते हुए प्रशासन ने अभियान को और गति दी। करीब 500 मीटर क्षेत्र में खोदाई कर नदी की सफाई का कार्य किया गया। अधिकारियों का दावा है कि अगले तीन से पांच दिनों में करीब 1200 मीटर लंबी विलुप्त धारा को पुनः साफ कर लिया जाएगा।
मिट्टी उठान पर उठे सवाल
अधिकारियों द्वारा मिट्टी को बेचने और ले जाने पर रोक लगाने के बावजूद मंगलवार को कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिनभर मिट्टी ले जाती नजर आईं। ग्रामीणों में चर्चा रही कि मिट्टी बेची जा रही है। हालांकि पंचायत सचिव अनुज कुमार और राजीव कुमार ने स्पष्ट किया कि निकाली गई मिट्टी को बल्लामाजरा में टंकी निर्माण स्थल पर डाला जा रहा है और इसे किसी निजी कार्य के लिए उपयोग नहीं किया जा रहा है।