शाहजहांपुर। सहालग का सीजन शुरू होते ही लोग मोबाइल फोन पर रिश्तेदारों व करीबियों को व्हाट्सएप पर ई-कार्ड भेजकर निमंत्रण दे रहे हैं। इन कार्ड को खोलते वक्त सावधानी बरतें।
ई-कार्ड के रूप में ईपीके फाइल भेजकर साइबर आरोपी मोबाइल हैक कर ठगी कर सकते हैं। कई मामले सामने आने के बाद पुलिस ने लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। साइबर ठग लोगों के पास शादी का कार्ड, हाउस प्लान, आवास योजना के नाम पर ईपीके फाइल भेजते हैं। इसे खोलते ही संबंधित व्यक्ति का उसके मोबाइल से नियंत्रण छिन जाता है और उसे साइबर ठग चलाने लगते हैं। व्हाट्सएप हैक होने के बाद साइबर ठग ग्रुपों के नाम बदलने के साथ ही लोगों को ईपीके फाइल भेजकर मोबाइल को नियंत्रित कर लेते हैं।
वे गूगल-पे, फोन-पे आदि का उपयोग करने लगते हैं। जिले में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन उन्होंने थाने में शिकायत नहीं की है। साइबर थाना प्रभारी रोहित सिंह बताते हैं कि साइबर ठग नित नए पैंतरों से लोगों का ठगने का प्रयास करते हैं। ऐसे में सावधानी बरतना जरूरी है। किसी भी अंजान लिंक को नहीं खोले।
आमतौर पर साइबर ठग नए नंबरों से व्हाट्सएप पर फाइल भेजते हैं। अंजान नंबर की वीडियो कॉल या फाइल को खोलने से परहेज करें। किसी भी करीबी का मेसेज आने पर उसका सत्यापन अवश्य कर लें। किसी भी ग्रुप पर पड़ी गैरजरूरी फाइल से छेड़खानी न करें।
ये बरतें सावधानी
-आमतौर पर लोग वर्ड व एक्सल की फाइल ही भेजते हैं।
-कोई भी फाइल खोलने से पहले उसे सही तरीके से देख लें।
-शादी का कार्ड ईपीके फाइल पर हो तो बिल्कुल न खोले।
-साइबर ठगी का शिकार होने पर 24 घंटे में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- थाने की साइबर हेल्पलाइन डेस्क की मदद भी ले सकते हैं।
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-साइबर ठगी से बचने के लिए अंजान लिंक पर क्लिक न करें। इसे लेकर पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है।
मनोज अवस्थी, एसपी देहात