इन गांवों के ग्रामीणों को किया गया सतर्क
मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा के किनारे बसे पैलानी उत्तरी, भरतपुर, कटैया नगला, पंखिया नगला, बढ़ई नगला, बटा नगला, मौसी नगला, चौरा और बांसखेड़ा तथा कलान क्षेत्र में निबियापुर, हेतमनगर, एतमादपुर, मुस्तफानगर, अब्दुला नगर, चरनोखा, रपरा, सैफरा, भगवानपुर आदि गांवों के अलावा रामगंगा के तटवर्ती गांव परौर, बीघापुर कसारी, उदयपुर भूड़ा, औरंगाबाद, जरियनपुर, सिथौली, अतरी, चिकटिया, पहाड़पुर, कुडरा, चितरऊ, सरहा, कीलापुर, थाथरमई, धेवला, मड़इया, कोयला, दहेलिया आदि गांवों के बाढ़ की चपेट में आने की आशंका गहराने लगी है। इसे देखते हुए संबंधित गांवों के बाशिंदों को लेखपालों के जरिए सतर्क किया जा रहा है।
नदियों में खतरे का स्तर, उच्चतम बहाव स्तर और वर्तमान स्थिति (मीटर में)
नदी खतरे का निशान हाई फ्लड
लेवल वर्तमान स्तर
0 गंगा (भैंसार) 143.00 144.10 141.43
0 गंगा (कछला) 162.00 164.30 161.85
0 रामगंगा (चौबारी) 160.50 163.07 157.98
0 गर्रा 148.50 149.80 144.05
0 खन्नौत 146.50 146.75 142.55
गंगा का बहाव चौड़ाई में होने के कारण 83000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर में ज्यादा वृद्धि नहीं होगी। कालागढ़ बांध से रामगंगा में भी सीमित पानी आ रहा है। इसके बावजूद बाढ़ से निपटने की अधिकतर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कलान में गंगा के भैंसार बांध की भैतिक स्थिति की जांच कर ली गई है और वह बिल्कुल ठीक है। परौर में रामगंगा के दाएं किनारे पर बसे गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए तीन जिओ ट्यूब वाली अस्थायी ठोकरें दो-तीन दिन में बनकर तैयार हो जाएंगी। -सुनील कुमार भास्कर, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग