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शाहजहांपुर: गंगा-रामगंगा में बढ़ा जलस्तर, नरौरा बैराज से गंगा में छोड़ा गया 83975 क्यूसेक पानी, तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा

Sun, 20 Jun 2021 08:09 PM IST
सुशील कुमार कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

गंगा की सहायक रामगंगा में भी विभिन्न बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा बढ़ गई। इसके चलते दोनों नदियों के करीब पांच दर्जन से अधिक तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से वहां की अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों में उफान के बाद नरौरा बैराज से शनिवार रात 83975 क्यूसेक पानी पास कर दिया गया। इस बीच शाहजहांपुर जनपद और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश के असर से कलान तहसील के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 23 सेमी बढ़ गया है। 

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गंगा की सहायक रामगंगा में भी विभिन्न बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा बढ़ गई। इसके चलते दोनों नदियों के करीब पांच दर्जन से अधिक तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने जिले में अभी बाढ़ की स्थिति से इनकार करते हुए कहा कि नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी कराने के साथ किसी भी विषम स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। सिंचाई विभाग के सूत्रों का कहना है कि गंगा में छोड़ा जा रहा पानी हजरतपुर (बदायूं) होते हुए सोमवार सुबह तक जनपद की कलान तहसील में गंगा का जलस्तर बढ़ा सकती है।

विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि गंगा की चौड़ाई अधिक होने के कारण रात में छोड़े गए अतिरिक्त पानी से जलस्तर में मामूली वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि हरेली, खो, किच्छा, रामनगर आदि उत्तराखंड के बैराजों से रामगंगा में रविवार सुबह 33110 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिली है। इससे रामगंगा के दोनों किनारों पर बसे जिले के गांवों को बाढ़ से खतरा नहीं है, लेकिन रामगंगा फर्रुखाबाद के आगे गंगा में विलीन होने पर वहां बाढ़ का खतरा बढ़ेगा।
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गर्रा और खन्नौत में भी बढ़ने लगा पानी
गंगा और रामगंगा के साथ शहर के समीप बहने वाली गर्रा और खन्नौत नदियों में भी पानी बढ़ने लगा है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को पीलीभीत के ड्यूनी डाम से गर्रा में 1365 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिली है। पानी का यह बहाव बीते दो दिन की तुलना में ज्यादा होने से गर्रा समेत खन्नौत का जलस्तर पिछले 24 घंटे में करीब दस सेमी बढ़ा है, लेकिन यह दोनों नदियां भी खतरे के निशान से काफी दूर हैं। सिंचाई विभाग के सूत्रों के अनुसार जिले के मैदानी क्षेत्रों में गत एक सप्ताह के दौरान हुई 34 मिमी बारिश के असर से दोनों नदियां बढ़ी हैं क्योंकि खन्नौत में किसी बैराज से पानी नहीं आता बल्कि उसमें क्षेत्र के बरसाती नाले मिलते हैं।

इन गांवों के ग्रामीणों को किया गया सतर्क
मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा के किनारे बसे पैलानी उत्तरी, भरतपुर, कटैया नगला, पंखिया नगला, बढ़ई नगला, बटा नगला, मौसी नगला, चौरा और बांसखेड़ा तथा कलान क्षेत्र में निबियापुर, हेतमनगर, एतमादपुर, मुस्तफानगर, अब्दुला नगर, चरनोखा, रपरा, सैफरा, भगवानपुर आदि गांवों के अलावा रामगंगा के तटवर्ती गांव परौर, बीघापुर कसारी, उदयपुर भूड़ा, औरंगाबाद, जरियनपुर, सिथौली, अतरी, चिकटिया, पहाड़पुर, कुडरा, चितरऊ, सरहा, कीलापुर, थाथरमई, धेवला, मड़इया, कोयला, दहेलिया आदि गांवों के बाढ़ की चपेट में आने की आशंका गहराने लगी है। इसे देखते हुए संबंधित गांवों के बाशिंदों को लेखपालों के जरिए सतर्क किया जा रहा है।

नदियों में खतरे का स्तर, उच्चतम बहाव स्तर और वर्तमान स्थिति (मीटर में)

नदी                              खतरे का निशान              हाई फ्लड
लेवल      वर्तमान स्तर
0 गंगा (भैंसार)                     143.00 144.10            141.43
0 गंगा (कछला)                   162.00 164.30            161.85
0 रामगंगा (चौबारी)                160.50 163.07            157.98
0 गर्रा                                148.50 149.80            144.05
0 खन्नौत                            146.50 146.75            142.55
 
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गंगा का बहाव चौड़ाई में होने के कारण 83000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर में ज्यादा वृद्धि नहीं होगी। कालागढ़ बांध से रामगंगा में भी सीमित पानी आ रहा है। इसके बावजूद बाढ़ से निपटने की अधिकतर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कलान में गंगा के भैंसार बांध की भैतिक स्थिति की जांच कर ली गई है और वह बिल्कुल ठीक है। परौर में रामगंगा के दाएं किनारे पर बसे गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए तीन जिओ ट्यूब वाली अस्थायी ठोकरें दो-तीन दिन में बनकर तैयार हो जाएंगी। -सुनील कुमार भास्कर, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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