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एसडीएम आवास से लगी दीवार ढही, दो लोग दबे, एक की मौत

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तिलहर एसडीएम के आवास की गिरी दीवार । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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तिलहर। तिलहर तहसील मार्ग पर मंगलवार दोपहर करीब एक बजे एसडीएम आवास से लगी दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार के पास हेयर ड्रेसर की दुकान करने वाला सलीम और ग्राहक मटरूलाल दबकर बुरी तरह घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने दोनों को मलबे से बाहर निकालकर सीएचसी भेजा। यहां से दोनों को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रास्ते में सलीम की मौत हो गई। स्थानीय सभासद के साथ परिजन शव लेकर थाने पहुंचे और पोस्टमार्टम के साथ मुआवजे की मांग करने लगे। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत किया।
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गांव नजरपुर निवासी सलीम (40) कई साल से तहसील मार्ग पर एसडीएम आवास से लगी दीवार के पास कुर्सी डालकर हेयर ड्रेसर की दुकान चलाता है। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे क्षेत्र के कुआंडाडा गांव निवासी मटरूलाल सलीम से दाढ़ी बनवा रहा था। तभी अचानक एसडीएम आवास से लगी दीवार गिर गई। मलबे में सलीम और मटरू दब गए। आवास सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने दोनों को मलबे से बाहर निकालकर सीएचसी भेजा। सूचना पर एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने सीएचसी पहुंचकर हालचाल जाना।
प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। शाम करीब चार बजे सलीम की मौत हो गई। इसके बाद सभासद सोनी के साथ परिजन और स्थानीय लोग सलीम का शव लेकर थाने पहुंच गए। वहां शव का पोस्टमार्टम कराने और मुआवजे की मांग करने लगे। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह समझाकर उन्हें शांत कराया।
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एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे के बाद सीएचसी पर दोनों को देखने गए थे। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। साथ ही परिवार को मुआवजा दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। सलीम की मौत से पत्नी नाजो का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके तीन वर्षीय बेटी अलीशा और दो साल का बेटा समद है।
बाहर नहीं निकले थाना प्रभारी, गेट पर होता रहा प्रर्दशन
स्थानीय सभासद साजिद उर्फ सोनी के साथ सलीम के परिवार और स्थानीय लोग शव लेकर थाने पहुंचकर पोस्टमार्टम कराने की मांग करने लगे। उस समय थाना प्रभारी रविंद्र सिंह थाना परिसर में बने अपने आवास में थे। उन्होंने बाहर निकलने की जहमत नहीं उठाई। जब परिजन को अहसास हुआ कि उसकी कोई मदद नहीं होगी तो लोगों ने थाने के गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे तक गेट पर हंगामा होता रहा, लेकिन थाना प्रभारी ने परिजन से मुलाकात नहीं की। करीब पौन घंटे बाद एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने थाने पहुंचकर परिजनों से बातचीत कर उनको हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
सलीम के परिवार का कैसे होगा भरण-पोषण
सलीम एक कुर्सी डालकर नाई का काम कर पत्नी, दो छोटे-छोटे बच्चों और बूढ़े मां-बाप का भरण-पोषण करता था। उसके पास सवा बीघा खेती है। उसकी मौत के बाद उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं हादसे के बाद आसपास के दुकानदारों ने तत्काल दोनों को निकालकर उसमें से घायल सलीम को सबसे क्षेत्र के एक प्राइवेट अस्पताल लेकर गए थे, लेकिन हालत बेहद नाजुक थी। इसलिए सलीम को सीएचसी लाया गया था। हादसे के समय अगर सलीम के पास और भी ग्राहक खड़े होते तो ये हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
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