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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा

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शाहजहांपुर के मिर्जापुर में बाढ़ प्रभावित ग्राम इस्लाम नगर में रास्ते और नालियों में जलभराव। सं - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। गंगा-रामगंगा की बाढ़ से प्रभावित कलान और जलालाबाद तहसील के करीब चार दर्जन तटवर्ती गांवों के संपर्क मार्गों और गलियारों से पानी उतरने लगा है, लेकिन अब इन गांवों के लोगों को संक्रामक बीमारियां पनपने की आशंका सता रही है। बाढ़ का पानी सिमटने के बाद तमाम गांवों के गलियारे बरसाती पानी से दलदल में बदल चुके हैं और वहां मच्छर पनप रहे हैं। जनपद समेत आसपास के जिलों में डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार आदि मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप पहले से जारी है। इसलिए बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में यह बीमारियां फैलने पर उनकी रोकथाम करना कठिन हो जाएगा।
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मिर्जापुर, कलान और परौर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ही लचर होने के कारण लोगों को दवाएं मिलना तो दूर रहा, अभी तक बाढ़ से घिरे रहे गांवों में एंटी लार्वा रसायनों का छिड़काव भी शुरू नहीं कराया गया है। मिर्जापुर के बाढ़ प्रभावित गांव पैलानी उत्तर, इस्लामनगर, आजादनगर, कमथरी, चितार आदि गांवों के घरों से बाए़ का पानी निकल चुका है, लेकिन वहां के रास्ते और नालियों में बाढ़ से हुए जलभराव के कारण सड़ांध पैदा हो रही है। ऐसे माहौल में इन गांवों के लोग जाड़ा बुखार, खांसी, चर्म रोग आदि के फैलने से परेशान हैं। इन गांवों के बाशिंदे इलाज को झोलाछापों पर निर्भर हैं, क्योंकि आसपास के सरकारी अस्पतालों में जाने पर डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं।
मंगलवार शाम कलान के एसडीएम रमेश बाबू ने सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित गांव आजादनगर के 116 परिवारों को बाढ़ राहत सामग्री के पैकेट वितरित किए। प्रभावित परिवारों को राशन के साथ तिरपाल और पांच-पांच लीटर केरोसिन भी दिया। ग्राम प्रधान पति फारूक अली और समाजसेवी रिजवान अहमद ने एसडीएम को क्षेत्र में फैल रहीं बीमारियों की जानकारी देकर चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कराने का अनुरोध किया। बताया कि आजादनगर और इस्लामनगर में खलील, नाजिम, मोहम्मद सद्दीक, मतील, अफसर, जमनशेर, सलीमन, मुन्नी, बुधुआ आदि ग्रामीण कई दिन से बुखार से पीड़ित हैं। एसडीएम ने बीमारियों की रोकथाम को प्रभावित गांवों में कीटनाशकों का छिड़काव कराने के साथ दवाओं के वितरण को जल्द चिकित्सा शिविर लगवाने का आश्वासन दिया।
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