2013 में दिल्ली में दर्ज हुआ था केस
शहर की बिटिया ने आसाराम के खिलाफ वर्ष 2013 में दिल्ली में केस दर्ज कराया था। उसके बाद जिले में आसाराम के गुर्गों की सक्रियता बढ़ गई थी। एक गवाह की हत्या भी कर दी गई थी। वर्ष 2018 में न्यायालय ने आसाराम को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।