जलालाबाद। गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध के बावजूद एक हफ्ते में दो हादसे होने के बाद अतिरिक्त सतर्कता बरती जानी शुरू हो गई है। एक्सप्रेसवे पर बेवजह वाहन खड़े करने पर पेट्रोलिंग टीम चेतावनी देगी। कुछ दिनों बाद ऐसे वाहन चालकों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
एक्सप्रेसवे पर पहला हादसा जनपद बदायूं क्षेत्र में हुआ। वहां एक्सप्रेसवे पर घूम रहे छुट्टा पशु से एक कार टकरा जाने से उस पर सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरा हादसा संभल क्षेत्र में मंगलवार रात हुआ। वहां एक्सप्रेसवे पर खड़े ट्रक में यात्रियों से भरी स्लीपर बस पीछे से घुस गई। यह हादसे तब हुए, जब एक्सप्रेसवे पर किसी तरह का वाहन खड़ा करना प्रतिबंधित किया गया है और छुट्टा पशुओं को रोकने के लिए तारों की बाड़ लगाने के साथ अन्य कई सुरक्षात्मक उपाय किए गए हैं।
यह दोनों हादसे एक्सप्रेसवे की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगाने के साथ वहां की गई हाईटेक सुरक्षा के दावों की पोल खोल रहे हैं। एक्सप्रेसवे स्थित टोल प्लाजा के प्रबंधक भगत सिंह ने बताया कि पूरे एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के सभी इंतजाम हैं, लेकिन सफर करने वाले जनसामान्य को भी सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि किसी तरह के अनधिकृत वाहनों अथवा छुट्टा पशुओं को एक्सप्रेसवे पर जाने से रोकने के लिए लोहे के एंगल पर टिन की चादरों की बाड़ लगाई गई है। जहां फ्लाईओवर अथवा अंडरपास बनाए गए हैं, उन पूरे क्षेत्रों में ड्रेन (खाई) बनाकर उसके आगे सीमेंट की दीवार खड़ी की गई है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति और उनकी निगरानी के लिए हाई सेंसर कैमरे भी लगाए गए हैं। एक्सप्रेसवे प्रायोगिक दौर में होने के कारण अभी नियमों का उल्लंघन करने पर कोई कार्रवाई न करके उन्हें केवल चेतावनी दी जा रही है। भविष्य में ओवरस्पीड वाले वाहनों अथवा उन्हें एक्सप्रेसवे पर रोकने आदि की दशा में जुर्माना लगाया जाएगा।
-
इंटरचेंज पर बनाया गया अत्याधुनिक कंट्रोल रूम
-गांव कलक्टरगंज के पास इंटरचेंज पर बने टोल प्लाजा के पास ही कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। बदायूं जनपद से लेकर हरदोई सीमा तक एक्सप्रेसवे के 151 किमी के दायरे में लगे सभी सीसी कैमरे इसी कंट्रोल रूम से जोड़े गए हैं। यहां लगी काफी बड़ी एलईडी स्क्रीन के जरिये एक्सप्रेसवे के इस पूरे हिस्से की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा 24 घंटे पेट्रोलिंग भी की जा रही है। इस दौरान किसी को अनधिकृत स्थिति में पाए जाने पर संबंधितों को चेतावनी दी जा रही है। कुछ दिन बाद एक्सप्रेसवे के निकटवर्ती थानों को वाहन उपलब्ध करा दिए जाएंंगे, ताकि पुलिस भी एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग कर सके। उन्होंने बताया कि जरूरत होने पर किसी तरह की सुविधा लेने अथवा वाहन खड़ा करने के लिए एक्सप्रेसवे पर हर 75 किमी के फासले पर रेस्ट एरिया (विश्राम क्षेत्र) भी बनाए गए हैं।