शाहजहांपुर। जिले को टीबी जैसे घातक रोग से मुक्त कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कवायद को तेज कर दिया है। सौ दिवसीय टीबी अभियान में दो मोबाइल टीमें गांवों में जाकर संदिग्ध मरीजों की जांच कर रही हैं। शासन से आवंटित 582 गांवों में 148 को कवर कर लिया है। दूसरी ओर दस्तक अभियान के तहत खोजे गए क्षय रोगियों का उपचार शुरू कर दिया। जिले में 4096 टीबी के सक्रिय रोगी हैं।
जिले में शुरू किए गए सौ दिवसीय अभियान में 47 दिन पूरे हो चुके हैं। इसके तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रत्येक दिन हाई रिस्क दो गांवों में जाकर बुखार, खांसी आदि से पीड़ित मिलने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच करती है। जांच में क्षय रोगी पाए जाने पर उनका उपचार शुरू किया जाता है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.ओमेंद्र राठौर ने बताया कि अभी तक 148 गांवों को कवर कर जांच की। मोबाइल यूनिट में ही एक्स-रे की व्यवस्था की गई।
दूसरी ओर दस्तक अभियान के तहत आशा वर्कर ने घर-घर जाकर क्षय रोगियों को खोजकर उनकी सूची विभाग को उपलब्ध करा दी। ऐसे मरीजों की जांच के बाद उपचार शुरू कर दिया है।
एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि क्षय रोग से निपटने के लिए सौ दिवसीय अभियान चल रहा है। आशा वर्कर ने घर-घर जाकर बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया। हाथ धोने के बारे में भी जानकारी दी।