शाहजहांपुर। बाइक धीमी गति से चलाने के लिए कहने पर बुजुर्गों पर हमला करने के दो दोषियों को अदालत ने पांच-पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
आठ फरवरी 2007 को कांट के गढ़ी पूर्वी निवासी जोगेंद्र पाल अपने दरवाजे पर बैठे थे। पास में उनका पोता आकाश खेल रहा था। मोहल्ले के सुशील व मनोज तेज रफ्तार से बाइक से गुजरे। जोगेंद्र पाल का पोता आकाश बाल-बाल बच गया। इस पर जोगेंद्र ने बाइक धीमे चलाने के लिए कहा तो दोनों ने गालीगलौज करते हुए हमला कर दिया।
जोगेंद्र पाल के साथ मौजूद उनके समधी सुंदर लाल से गालीगलौज करते हुए उन दोनों ने लाठी-डंडे से मारपीट शुरू कर दी। चाकू से भी हमला किया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर सुशील और मनोज के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट गरिमा सिंह ने सुशील व मनोज को दोषी पाते हुए पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई। संवाद