शाहजहांपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के शाहजहांपुर स्टेशन से पीलीभीत के लिए यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया। इस रूट की रेलवे लाइन के मीटरगेज से ब्राडगेज में बदलने के बाद शनिवार को शाहजहांपुर स्टेशन से सुबह सात बजे पहली तथा शाम चार बजे दूसरी ट्रेन रवाना हुई। दोनों ट्रेनों से यात्रा करने के लिए पहले दिन कुल 156 यात्रियों ने टिकट खरीदा। इस दौरान ट्रेन से यात्रा करने को लेकर यात्रियों के चेहरे खुशी देखते बन रही थी।
साल 2018 में पूर्वोत्तर रेलवे के शाहजहांपुर से पीलीभीत स्टेशन के बीच अमान परिवर्तन का काम शुरू हुआ था। तबसे लेकर अब तक इस रूट पर पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से यात्री ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद था। अमान परिवर्तन के बाद एक मात्र ट्रेन शाहजहांपुर से शक्तिनगर होते हुए टनकपुर के लिए उत्तर रेलवे के स्टेशन से जाती और वापस आती थी। इसका समय दोपहर में होने की वजह से नियमित यात्रियों को कोई फायदा नहीं था। उन्हें रोडवेज या फिर डग्गामार वाहनों से ही यात्रा करनी पड़ती थी। सभी को शाहजहांपुर से पीलीभीत के लिए पूर्वोत्तर रेलवे की लाइन पर ट्रेन चलने का इंतजार था।
चार साल का इंतजार शनिवार को खत्म हो गया। शाहजहांपुर स्टेशन से सुबह सात बजे पहली ट्रेन लोको पायलट अमीरी ठाकुर और सहायक मोहम्मद वसीम लेकर रवाना हुए। ट्रेन के गार्ड आशीष सक्सेना थे। स्टेशन अधीक्षक पीएस तोमर ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशन से चार साल बाद दोबारा ट्रेन चलने पर देखने वालों की भीड़ भी उमड़ी। वहीं ट्रेन में यात्रा करने वालों में खुशी का माहौल रहा। उनका कहना था कि शाहजहांपुर-पीलीभीत रूट पर ट्रेनें चलने से लाखों लोगों को फायदा होगा। नियमित यात्री अब असुरक्षित यात्रा करने से बच सकेंगे।
पीलीभीत से आने वालों की संख्या रही अधिक
शनिवार को शाहजहांपुर स्टेशन से पीलीभीत जाने वाली पहली ट्रेन में यात्रियों की संख्या अधिक नहीं रही। शाहजहांपुर स्टेशन से सुबह रवाना होने वाली ट्रेन से यात्रा करने के लिए कुल 86 यात्रियों ने टिकट खरीदे। जबकि अपने निर्धारित समय से पांच मिनट पहले सुबह 9:45 बजे आई ट्रेन से आने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा रही। शाम चार बजे शाहजहांपुर से दूसरी ट्रेन पीलीभीत के लिए रवाना हुई। इससे यात्रा करने के लिए 70 यात्रियों ने टिकट खरीदा। इसके बाद पीलीभीत से चलकर शाम को 6:50 बजे आखिरी ट्रेन शाहजहांपुर स्टेशन पर आई।