शाहजहांपुर। गेटमैन की लापरवाही से खुले फाटक के पास मालगाड़ी और सत्याग्रह एक्सप्रेस के लोको पायलट की सूझबूझ से हादसा बच गया था। रेलवे प्रशासन ने दोनों गाड़ियों के लोको पायलट को सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
बृहस्पतिवार रात 12 बजे रोजा-सीतापुर ब्रांच लाइन पर बरतारा-उचौलिया रेलवे स्टेशन के बीच गेट नंबर पांच का गेटमैन गेट खुला छोड़ कर सो गया था। रोजा के लोको पायलट लालजीत यादव मालगाड़ी लेकर सीतापुर जा रहे थे, तभी उनकी नजर खुले गेट पर पड़ी। इसी बीच सामने से सत्याग्रह एक्सप्रेस तेज गति से चली आ रही थी। ऐसे में दुर्घटना की आशंका को देखते लालजीत ने इंजन के आगे लगी लाल मार्करी लाइट और लाल टॉर्च जलाकर सत्याग्रह एक्सप्रेस के लोको पायलट को खतरे का संकेत देकर सावधान किया। सत्याग्रह एक्सप्रेस के लोको पायलट विजय कुमार ने खतरे का संकेत देखकर बिना कोई देर किए आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक लिया। उसके बाद स्टेशन मास्टर और कंट्रोल को जानकारी दी। कंट्रोल के आदेश पर रेल पथ निरीक्षक मौके पर पहुंचे और दूसरे गेटमैन को ड्यूटी पर लगाया गया। इसके बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। दोनों लोको पायलटों की कार्यप्रणाली को देखकर मंडल रेल प्रबंधक ने उन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया है। मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश ने कहा कि मालगाड़ी व सत्याग्रह एक्सप्रेस के लोको पायलटों को सम्मानित किया जाएगा।
वहीं नौ जून को रोजा से मालगाड़ी लेकर चालक अमित कुमार व सहायक चालक रंजीत कुमार लखनऊ के लिए रवाना हुए थे। मलिहाबाद में लोको पायलट अमित कुमार ने देखा कि इंजन के अंदर से धुआं निकल रहा है। तब लोको पायलट ने इंजन चेक किया, जिसमें एक्सेल नंबर पांच जाम था। इसकी सूचना उन्होंने तत्काल स्टेशन मास्टर और कंट्रोल को दी। कंट्रोल के आदेश पर दूसरा इंजन रोजा से भेजा गया। तब मालगाड़ी लखनऊ के लिए रवाना हुई। इस तरह से हादसा होने से बच गया। इसके लिए लोको पायलट अमित कुमार को रेल महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने दो हजार रुपये नकद व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।