जलालाबाद। सोमवार शाम सरेराह गल्ला व्यापारियों से हुई आठ लाख की लूट के मामले का तीसरे दिन भी खुलासा न होने से खफा व्यापारियों ने बुधवार को भी मंडी समिति में तालाबंदी कर कारोबार ठप रखा। व्यापारियों ने बुधवार सुबह पहले खंडहर रोड पर जाम लगाया। बाद में मंडी गेट के सामने पूरे दिन धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान नगर पालिका परिषद अध्यक्ष संजय पाठक और भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा शाहजहांपुर से आए राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष किशोर गुप्ता ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए लूटकांड के अविलंब खुलासे की मांग की। मालूम हो कि 24 अक्तूबर की शाम साढ़े तीन बजे जय दुर्गा ट्रेडर्स के मालिक भूरे गुप्ता और राधाकृष्ण गुप्ता बैंक से आठ लाख का पेमेंट लेकर मंडी समिति जा रहे थे। मंडी गेट पर मिले बाइक सवार चार बदमाशों ने उन्हें गन प्वाइंट पर लेकर नगदी भरा थैला लूट लिया था। घटना से आक्रोशित व्यापारियों ने मंगलवार को खंडहर रोड पर जाम लगा दिया। इसके बाद वहां पहुंचे सीओ उमेश शर्मा ने 12 घंटे की मोहलत मांगते हुए जाम खुलवा दिया, लेकिन नाराज व्यापारियों ने कारोबार ठप रखा। तय समय निकल जाने के बाद भी घटना का जब खुलासा नहीं हुआ तो व्यापारियों ने बुधवार सुबह खंडहर रोड पर पुन: जाम लगा दिया, लेकिन कुछ लोगों के समझाने पर व्यापारी जाम खोलकर मंडी गेट पर धरने पर बैठ गए और दूसरे दिन भी कारोबार ठप रखा। इस दौरान मंडी समिति में पहुंचे एसडीएम एसपी सिंह ने भी व्यापारियों से वार्ता की। धरनास्थल पर पालिका चेयरमैन संजय पाठक, भाजपा के मनोज कश्यप, कृष्ण कुमार मंगलम, मलिखान सिंह लोधी के अलावा पश्चिमी उद्योग व्यापार मंडल तथा उप्र उद्योग व्यापार मंडल से जुड़े पदाधिकारियों न आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
एसडीएम को दिया ज्ञापन
लूट कांड को लेकर आंदोलित व्यापारियों ने डीएम को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन एसडीएम को दिया। इसमें लूट कांड का खुलासा न होने तक कारोबार पूरी तरह से ठप रखने की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन में लूट की घटना का शीघ्र खुलासा किए जाने, मंडी गेट के पास पुलिस चौकी स्थापित कराने, मंडी परिसर में बैंक की सुविधा मुहैया कराने, व्यापारियों को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस मुहैया कराने और मंडी समिति के गेट पर दो गार्ड तैनात करने की मांग की गई है।
मंडी प्रशासन को हो रही है लाखों की हानि
व्यापारियों के कारोबार ठप रखने से त्योहार पर गल्ला बेचकर सामान आदि खरीदने की मंशा लेकर मंडी आने वाले काश्तकार तो परेशान हैं ही, मंडी प्रशासन को भी रोजाना लाखों के राजस्व की हानि हो रही है। अनुमान के मुताबिक इन दिनों मूंगफली, धान, बाजरा तथा तिल समेत अन्य जिंसों की होने वाली खरीद फरोख्त रोजाना करीब पचास लाख से ज्यादा का आंकड़ा पार कर रही थी। इस पर ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क तथा चार प्रतिशत वैट वसूला जा रहा था, जो दो दिनों से ठप है।