निगोही। क्षेत्र के गांव बिरासिन में किसान बिक्र फील्ड में ट्रैक्टर चालक 27 वर्षीय देवेंद्र का शव टिन शेड की कड़ी में रस्सी के फंदे से लटका मिला। मृतक के परिजन ने रंजिश को लेकर हुए विवाद के चलते कुछ लोगों पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया है। सूचना पर स्वान दस्ता व फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर पड़ताल की।
पीलीभीत के थाना बीसलपुर के गांव खरगापुर कलां निवासी देवेंद्र व उसका सगा भाई पूरन निगोही थाना क्षेत्र के गांव बिरासिन में किसान ब्रिक फील्ड में ट्रैक्टर-ट्रॉली से ठेके पर ईंट लाने का काम काम करते थे। पूरन बृहस्पतिवार को अपने गांव खरगापुर चला गया था। देवेंद्र के रिश्ते के चचेरे भाई कुलदीप ने बताया कि शाम को खाना खाने के बाद दोनों लोग अपने-अपने कमरे में सो गए थे। शुक्रवार सुबह छह बजे देवेंद्र ने उसे उठाया और मोबाइल चोरी होने की बात बताई।
उसके बाद सभी मजदूर अपने काम पर चले गए, लेकिन देवेंद्र ने काम पर जाने से इनकार कर दिया। उसने बताया कि वह अपना मोबाइल तलाश करेगा। इसके बाद पूर्वाह्न 11 बजे कुलदीप वापस लौटा तो उसे टिन की कड़ी में देवेंद्र का शव लटका मिला। उसके दोनों पैर चारपाई पर लगे थे। ईंट भट्ठे के मुनीम इंद्रजीत कनौजिया की सूचना पर थाना प्रभारी रवींद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने डॉग स्क्वॉयड और फोरेसिंक टीम को बुलाया। टीम ने कमरे में फिंगर प्रिंट लिए।
परिजन ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक देवेंद्र के पिता रामदीन ने पुलिस को बताया कि जनवरी में उसके छोटे पुत्र पूरन को गांव के दो लोग ले गए थे। एक ने पूरन के दोनों हाथ पकड़ लिए और दूसरे ने फायर कर बारूद आंख में झोंक दी है। पूरन की एक आंख की रोशनी चली गई थी। मामले में बीसलपुर थाने में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। वे आरोपी भी भट्ठे पर काम करते थे। रंजिश मान कर गांव के ही लोगों ने देवेन्द्र की हत्या करके उसके शव को लटका दिया है।
भाइयों में तीसरे नंबर का था देवेंद्र
देवेंद्र भाइयों में तीसरे नंबर का था। देवेंद्र की मौत पर मां अनारकली, भाई प्रमोद, रवींद्र, पूरन, बहन गंगादेई और नीतू भी रो पड़ी। दोनों बहनों व भाई प्रमोद की शादी हो चुकी है। देवेंद्र मजदूरी कर परिवार चलाता था। बड़ा भाई प्रमोद घर पर रहता है, जबकि दूसरा भाई राजेंद्र हरियाणा में काम करता है।
-नीम इंद्रजीत कनौजिया की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अखंड प्रताप सिंह, सीओ सदर।