ब्लाक प्रमुख और प्रधान ही जब सरकारी जमीन से कब्जा हटवाने में नाकाम हो रहे हैं तो आम आदमी की शिकायतों का किस तरह निस्तारण होता होगा? यह आसानी से समझा जा सकता है। ऐसा ही एक मामला सिंधौली ब्लाक के गांव दिलावरपुर खुर्द का है।
अवधेश सिंह सिंधौली की गांवसभा दिलावरपुर के प्रधान हैं। उनकी पत्नी सीमा देवी सिंधौली की ब्लाक प्रमुख हैं। प्रधान के अनुसार वर्ष 2014 में उन्होंने गांवसभा के एक चकमार्ग पर मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य कराया था। गांव के ही एक व्यक्ति ने चकरोड को काटकर अपने खेत में मिला लिया। शिकायत पर जांच हुई तो 90 मीटर चकमार्ग खोद कर मार्ग अवरुद्ध होना पाया गया। साथ ही चकमार्ग काटने वालों पर शासकीय क्षति के 3307 रुपये वसूले जाने की भी संस्तुति की गई। इस मामले में थाना निगोही में सात दिसंबर 2014 को रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद भी कब्जा नहीं हट सका तो प्रधान ने मामले की शिकायत तहसील दिवस में की। एसडीएम ने एक अप्रैल 2015 को कानूनगो नहिलोरा और एसओ निगोही को चकरोड से कब्जा हटवाने और कब्जा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। तीन दिन में कब्जा नहीं हटने और कार्रवाई न होने पर लेखपाल, कानूनगो को दोषी मानते हुए विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी, लेकिन आज तक कब्जा नहीं हट सका। एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय ने भी एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई को कहा था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। उधर राजस्व कर्मियों ने मामले को निस्तारित दर्शाते हुए तहसील दिवस शिकायत पर फर्जी निस्तारण आख्या दर्ज करा दी। ब्लाक प्रमुख और उनके पति प्रधान अवधेश सिंह अवैध कब्जा हटवाने के लिए कई माह से भागदौड़ कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं की जा रही है। एसडीएम लालबहादुर ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि शिकायत सही है तो कार्रवाई होगी।