जवाहर नवोदय विद्यालय में चल रही विज्ञान शिक्षकों की पांच दिवसीय अभिविन्यास कार्यशाला का समापन हो गया। अंतिम दिन प्रशिक्षणार्थियों को योग का महत्व समझाते हुए उनका अभ्यास भी कराया गया।
अंतिम दिन की शुरुआत सुबह साढ़े पांच बजे योगाभ्यास से ही हुई। उप प्रधानाचार्य डीके मिश्र ने योग के महत्व पर चर्चा करते हुए शिक्षक-शिक्षिकाओं को योग की विभिन्न क्रियाओं का अभ्यास भी कराया। व्याख्यान कार्यक्रम में जीएफ कॉलेज मे डॉ. सैयद मोहम्मद नोमान ने कहा कि बच्चा तब तक ही शिक्षक का सम्मान करता है, जब तक वह स्वयं को एक अच्छा विद्यार्थी बनाए रखता है। शिक्षक को चाहिए कि वह आदरसूचक शब्दों को प्रयोग कर बच्चों के मन को जीत सकता है। उन्होंने कहा कि हम एक गलत नेता को चुनकर देश को पांच वर्षों तक गलत हाथों में सौंप देते हैं, लेकिन एक गलत शिक्षक का चयन कर हम कम से कम चार दशक तक अपने बच्चों को गलत हाथों में सौंप देते हैं। इसलिए अच्छे शिक्षक का चयन करना भावी पीढ़ी और देशहित में आवश्यक है।
इस अवसर पर आर्य महिला महाविद्यालय की डॉ. रुचि द्विवेदी, प्रधानाचार्य अजीत कुमार शुक्ला समेत प्रशिक्षणार्थियों ने कार्यशाला को सार्थक बताते हुए अपने अनुभव बांटे। समापन पर मुख्य अतिथि केंद्रीय विद्यालय-दो के प्रधानाचार्य ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। मीनाक्षी त्रिवेदी के संचालन में हुए कार्यक्रम में प्रधानाचार्य श्री शुक्ला ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एसवी सिंह, सुमन पांडेय, राकेश कुमार, वीके दीक्षित, सुधीर त्रिपाठी, अनिल मिश्रा, मनीष अग्रवाल, आरके सिंह आदि का योगदान रहा।