तिलहर। तहसील तिलहर के लोगों को रेलवे सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। 60 से 70 लाख रुपये वार्षिक आमदनी के बावजूद रेल प्रशासन ने ठहराव बढ़ाने की बजाय चार ट्रेनों के स्टॉपेज समाप्त कर दिए हैं। रुकने वाली तीन एक्सप्रेस ट्रेनों में जनरल टिकट नहीं मिल रहे हैं। प्लेटफार्म पर चारों ओर गंदगी फैली हुई है। पेयजल और प्रकाश व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है।
तिलहर रेलवे स्टेशन पर दून एक्सप्रेस, फिरोजपुर-धनबाद किसान एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस का स्टॉपेज है। इन तीनों ट्रेनों में जनरल टिकट नहीं मिल रहे हैं। वहीं, बरेली बनारस एक्सप्रेस, बरेली प्रयाग एक्सप्रेस और बरेली रोजा एक्सप्रेस रुक रही है इन तीनों ट्रेनों में जनरल टिकट मिल रहे हैं। उधर, हावड़ा अमृतसर डुप्लीकेट एक्सप्रेस, सीतापुर दिल्ली पैसेंजर, लखनऊ सहारनपुर पैसेंजर और इलाहाबाद बरेली पैसेंजर लंबे अरसे से बंद है।
ठेके पर सिर्फ एक सफाई कर्मचारी
सफाई के लिए प्लेटफार्म पर मात्र एक सफाईकर्मी रामदास कार्यरत है। रामदास ने बताया कि उसे छह हजार रुपये ठेके में मिलते हैं। रेल यात्रियों के लिए बना प्रतीक्षालय भी बंद रहता है। स्टेशन के दोनों प्लेटफार्म पर गंदगी है। ऊंची-ऊंची घास और नलों के आसपास गंदगी फैली हुई है। दोनों प्लेटफार्म पर इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हुए हैं, जिनमें पीला पानी आ रहा है। रात के समय दोनों प्लेटफार्म पर एक-दो बल्ब जलते हैं, बाकी पूरे प्लेटफार्म पर अंधेरा छाया रहता है।
लाखों की आमदनी, सुविधाएं शून्य
स्टेशन अधीक्षक के कार्यालय में लगी सूची के अनुसार जनवरी 2022 में 1698 यात्रियों ने यात्रा की और उनसे 4,82,685 रुपये की आमदनी हुई। इस औसत से रेल प्रशासन को प्रतिवर्ष 60 से 70 लाख रुपये की आमदनी होती है। मगर, यात्रियों के लिए सुविधाएं बहुत कम हैं। तिलहर के लोग लंबे अरसे से त्रिवेणी एक्सप्रेस सहित लंबी दूरी की कई ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। त्रिवेणी एक्सप्रेस का स्टॉपेज अभी हाल ही में पितांबरपुर में किया गया है।
नलों से आते पीला पानी
रेलवे प्लेटफार्म पर भारी गंदगी व्याप्त है। मैं स्टेशन पर सुबह अक्सर टहलने आता हूं। यहां पर लगे हुए नलों में पीला पानी आता है। यूकेलिप्टस का जंगल खड़ा होने से यात्रियों को डर लगा रहता है। - जीशान निवासी, उमरपुर।
स्टेशन में रहता अंधेरा
रेलवे के दोनों प्लेटफार्म पर रात के समय अंधेरा छाया रहता है। एक-दो बल्ब ही जलते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों के स्टॉपेज किए जाना अत्यंत जरूरी है। प्लेटफार्म पर सफाई भी ठीक नहीं है। - मुनीश, व्यापारी, स्टेशन रोड।
ट्रेनों के जनरल टिकट मिलें
तिलहर-लखनऊ दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है। यहां पर कई ट्रेनों के स्टॉपेज समाप्त कर दिए गए हैं, जिससे व्यापारियों में नाराजगी है। तत्काल सभी ट्रेनों के जनरल टिकट उपलब्ध कराए जाएं। -श्याम रस्तोगी, मेडिकल स्टोर।
व्यापारी हित की अनदेखी
व्यापार के सिलसिले में यात्रियों को बड़े शहरों में जाना होता है। यहां लंबी दूरी की ट्रेनों के स्टॉपेज न होने से व्यापारी परेशान है। त्रिवेणी एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों का स्टॉपेज शीघ्र किया जाए। -हितेश कुमार गुप्ता उर्फ रिंकू, अध्यक्ष व्यापार मंडल।
तिलहर स्टेशन पर छह ट्रेनों का स्टॉपेज है। तीन ट्रेनों में जनरल टिकट नहीं मिल रहे हैं। चार ट्रेनें लंबे अरसे से बंद हैं। स्टेशन पर सफाई ठेके के व्यक्ति से कराई जाती है। सफाई कर्मचारी की पोस्टिंग पहले ही समाप्त हो चुकी है। प्रकाश व्यवस्था को और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। यहां जनरेटर उपलब्ध नहीं है और पब्लिक टेलीफोन बूथ सेवा बंद है। -आशुतोष सिंह, स्टेशन अधीक्षक तिलहर।