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पैदल चलने लायक नहीं रहा तिलहर-जैतीपुर-दातागंज मार्ग

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जैतीपुर। तिलहर से खैरपुर, जैतीपुर, खेड़ा बझेड़ा और नवादा मोड़ होते हुए दातागंज (बदायूं) और फरीदपुर (बरेली) से जुड़ने वाली सड़कें गड्ढों की भरमार से अब पैदल चलने लायक भी नहीं बची हैं। मामूली बारिश में हुए जलभराव से कई जगह सड़क ही गायब हो गई है। क्षेत्र के लोगों को लंबा चक्कर काटकर तहसील व जिला मुख्यालय तक आना पड़ रहा है।
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सड़कों की जर्जर स्थिति का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि तिलहर से जैतीपुर तक 17 किमी दूरी तय करने में लोगों को डेढ़-दो घंटे लग जाते हैं। सड़क के हालात ऐसे हो गए हैं कि शाहजहांपुर जाने वाले गढ़िया रंगीन क्षेत्र के लोग बुधवाना, मदनापुर और कांट होकर जाते हैं। इसी तरह जैतीपुर क्षेत्र के लोग फतेहगंज पूर्वी या फिर मीरानपुर कटरा होकर तिलहर व शाहजहांपुर जाते हैं। इससे मिनटों का सफर पूरा करने में घंटों लग जाते हैं। यही नहीं, लोगों के समय की बर्बादी होती है और उन्हें किराया भी ज्यादा खर्च करना पड़ता है।
वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का आदेश दिया था। इसके बाद इन सड़कों के भी गड्ढे भरे गए लेकिन एक माह में ही वह जस के तस हो गए। दरअसल, उस दौरान लखनऊ-दिल्ली हाईवे की हुलासनगरा क्रॉसिंग पर जाम लगने के दौरान बरेली व लखनऊ दिशा के वाहनों को इसी मार्ग से निकाला जाता रहा। सड़क की बाद में भी कई बार मरम्मत कराई गई लेकिन भारी वाहनों के बोझ से वह टिकाऊ साबित नहीं हुई।
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सड़क के गड्ढों में वाहनों के गिरने से हाल के वर्षों में कई लोगों की मौत हो चुकी है। पांच साल में दो बार सड़क के गड्ढे भरे जा चुके हैं। विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में जितिन प्रसाद को बदायूं क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। चूंकि बदायूं से शाहजहांपुर आने के लिए तिलहर-दातागंज मार्ग सुगम और छोटा रास्ता है। इसलिए उस दौरान एक बार फिर सड़क पर गड्ढे भरने का काम शुरू किया गया लेकिन ठेकेदार और उसके कर्मचारी चार दिन बाद ही कस्बे में सड़क उखड़ी छोड़कर चले गए।
तिलहर-जैतीपुर मार्ग कई बार सही कराया गया लेकिन उस पर लखनऊ-दिल्ली हाईवे का यातायात मोड़ने से रास्ता खराब हो गया। अब हाईवे की हुलासनगरा क्रॉसिंग चालू हो चुकी है। इसलिए तिलहर-जैतीपुर मार्ग को चौड़ा करके बनाया जाना है। इस आशय का प्रस्ताव एक वर्ष पहले शासन को भेजा जा चुका है। अभी इसके लिए बजट स्वीकृत नहीं हो सका है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी इस दिशा में प्रयासरत हैं। उम्मीद है कि प्रस्ताव को स्वीकृति जल्द मिल जाएगी। बजट की धनराशि अवमुक्त होते ही सड़क निर्माण और मरम्मत के काम शुरू करा दिए जाएंगे। - आरके पिथौरिया, अधिशासी अभियंता, लोनिवि (प्रांतीय खंड)
जैतीपुर रोड पर जाने से बचते हैं लोग
खेड़ा बझेड़ा गांव के रमेश गुप्ता ने बताया कि इस सड़क पर चलना मुश्किल है। तिलहर जाना होता है तो फतेहगंज पूर्वी होकर जाते हैं। बझेड़ा भगवानपुर के राजाराम बताते हैं कि सड़क की दशा इतनी खराब है कि बाइक से चलना भी मुश्किल है। खेड़ा रठ गांव के शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कई साल से यही सुनते आए हैं कि सड़क बन जाएगी लेकिन कुछ हो नहीं पा रहा है। जैतीपुर के जगवीर सिंह ने बताया कि कस्बे में तो निकलना मुश्किल है। लोग गांव में घूमकर जाते हैं। सड़क खराब होने के कारण लोग जैतीपुर नहीं आना चाहते हैं। संवाद
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