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Shahjahanpur News: पांच गांवों में बाघ, तेंदुए की दहशत, रुजहा में मार डाली गाय

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गांव रुजहा में बाघ के हमले में गाय के मारे जाने की जानकारी लेते वनकर्मी और पुलिस। संवाद
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खुटार। क्षेत्र के कई गांवों प्रतापपुर, चांदपुर, सिल्हुआ, रुजहा, इटौआ में बाघ और तेंदुआ घूम रहा है। शनिवार रात बाघ ने रुजहा खुर्द में गाय को मार डाला। वनकर्मी केवल लोगों को सिर्फ सतर्क रहने की सलाह देकर काम चला रहे हैं।
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शनिवार रात में गांव रुजहा खुर्द में बाघ ने राजेश वर्मा के गेहूं के खेत में गाय को मार डाला। रविवार सुबह गांव के सर्वेंद्र सिंह, शकील बाबू, करन सक्सेना, मदनपाल प्रधान, नीतीश पटेल ने राजेश वर्मा के खेत में घसीटने के निशान देखे, आगे गन्ना भी टूटा पड़ा था। गांव के लोग गन्ने के खेत में पहुंचे तो वहां गाय का अधखाया शव पड़ा मिला। बाध गाय को गेहूं के खेत में मारने के बाद लगभग 50 मीटर दूर गन्ने के खेत तक घसीट कर ले गया था।
जानकारी होने पर बड़ी संख्या में गांव के लोग मौके पर पहुंचे और बाघ होने की सूचना वनकर्मियों के साथ ही पुलिस को भी दी। थाना प्रभारी आरके रावत पुलिस टीम और वन दरोगा रोहित पांडेय, संतोष गौड़, सहदेव, मुकेश, विकास के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने गाय के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद दफन करा दिया। गांव के छन्नू, सुखपाल, आकाश, रंजीत, मुकेश आदि ने बताया कि बाघ 15 दिन से गांव के आसपास घूम रहा है, लेकिन वनकर्मी ध्यान नही दे रहे हैं।
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सिल्हुआ में भी दिखा बाघ
खुटार। शनिवार शाम को गांव सिल्हुआ निवासी रामनिवास अपने पुत्र मोहित के साथ खुटार के साप्ताहिक बाजार से वापस घर जा रहे थे। रास्ते में चूड़ी वाले बाग से निकलकर एक बाघ प्रधान तरण दीक्षित के गन्ने के खेत में जाते देख पिता-पुत्र मौके से भाग निकले। पीछे से गांव के ही राजेंद्र भी साइकिल से मौके पर आ गए। तीनों लोग शोर शराबा करते हुए किसी तरह गांव पहुंचे। गांव के आसपास कई दिनों से बाघ देखा जा रहा है। संवाद
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चांदपुर में ट्रैक्टर ट्राॅली छोड़कर भागे किसान
खुटार। शनिवार शाम को गांव चांदपुर निवासी अवधेश शुक्ला ट्रैक्टर ट्राॅली से गन्ना भरने खेत पर गए थे। उनके साथ गांव चतुरपुर निवासी संजीव, रमेश, परमेश्वरदीन सहित अन्य श्रमिक भी थे। साथ में उनका पालतू कुत्ता भी था। एक तेंदुए ने गन्ने से निकलकर कुत्ते पर हमला करने की कोशिश की। तेंदुआ देख किसान और श्रमिक ट्रैक्टर ट्राॅली छोड़कर शोर मचाते हुए भाग निकले। बाद में गांव के काफी संख्या में लोग शोर शराबा करते हुए खेत पर पहुंचे और ट्रैक्टर ट्राॅली घर लाए। उधर गांव प्रतापपुर में बाघ देखे जाने के बाद यहां शनिवार शाम पिंजड़ा लगाया गया है, लेकिन बाघ पिंजड़े के पास नहीं आया। संवाद

गाय को मारे जाने की सूचना पर वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम को क्षेत्र में लगातार कांबिंग करने के निर्देश दिए गए है। बाघ की लोकेशन ट्रेस कर जंगल की तरफ खदेड़ा जाएगा। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
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-मनोज श्रीवास्तव, रेंजर खुटार
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