शाहजहांपुर। विधानसभा चुनाव के नामांकन की तारीख पास आते-आते टिकट के दावेदारों के साथ ही समर्थकों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। अधिकतर टिकटार्थी नेताओं ने लखनऊ में डेरा डाल दिया है। वहीं नेेताओं के दलबदल की खबरें भी खूब जोर पकड़ रही हैं। हालांकि समर्थक अफवाहों का खंडन करने में लगे हैं और विरोधी लगातार लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं। फिलवक्त सबसे ज्यादा लोगों की निगाहें सभी छह सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के टिकट पर टिकी हुई हैं।
जलालाबाद को छोड़कर शेष पांच सीटों पर भाजपा का कब्जा है। भाजपा हाईकमान ने तय किया था कि जीती हुईं सीटों पर आवेदन नहीं लिए जाएंगे। हारी हुई जलालाबाद सीट से करीब 15 आवेदन जिला कार्यकारिणी ने स्वीकार किए थे। अब जहां भाजपा के विधायक हैं, वहां से भी कई लोगों ने अपना आवेदन जिला कार्यकारिणी के पास भेज दिया है। हालांकि पार्टी का कहना है कि अधिकृत तौर पर किसी का आवेदन स्वीकार्य नहीं है।
भाजपा से नगर विधायक और कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का टिकट ही अभी सबसे पक्का माना जा रहा है। शेष चार सीटों पर भाजपा के विधायकों का टिकट रहेगा या कटेगा, यह पार्टी हाईकमान अपने सर्वे और जीत की उम्मीद पर तय करेगी। इसी के मद्देनजर पुवायां, ददरौल, तिलहर और कटरा सीट से चार-पांच आवेदन किए जा चुके हैं।
संसदीय बोर्ड की बैठक करेगी टिकट पर फैसला
भाजपा से टिकट के दावेदार फिलहाल लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। अपनी पहुंच के सबसे बड़े नेता की शरण में हैं। पार्टी नेतृत्व बगावत की आशंका से सभी को आश्वासन तो दे रहा है, लेकिन यह भी साफ कर दिया जा रहा है कि अंतिम निर्णय सभी को स्वीकार करना पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को प्रदेश समिति की बैठक के बाद दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक में टिकट पर अंतिम मुहर लग सकती है। जिन सीटों पर पहले चरण में चुनाव है, पहली सूची वहां के लिए जारी होगी। इसी तरह आगे के चरणों के टिकट घोषित होंगे।
सपा की चार सीटों पर जमी निगाहें
सपा की दो सीटों पर टिकट पक्के माने जा रहे हैं। कटरा विधानसभा सीट से पूर्व विधायक राजेश यादव क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनका टिकट पक्का माना जा रहा है। इसी तरह जलालाबाद सीट से जिले के इकलौते सपा विधायक शरदवीर सिंह का टिकट भी फिलहाल तय है। ऐसे में पुवायां, ददरौल, नगर और तिलहर सीट से प्रत्याशियों पर पार्टी नेतृत्व विचार कर रहा है। नगर सीट पर जिलाध्यक्ष व दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके तनवीर खां और विनय अग्रवाल दावेदारी जता रहे हैं। माना जा रहा है कि एक हफ्ते में टिकट को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी।
दलबदल की अफवाहों ने बढ़ाई सियासी गरमी
एक विधायक और पूर्व विधायक के पार्टी बदलने की खबरें सोमवार को भी चर्चा में बनी रहीं। हालांकि जिन पूर्व विधायक के पार्टी बदलने की बात आ रही थी, उन्होंने बताया कि वह टिकट चाहते हैं, लेकिन इसके लिए पार्टी नहीं बदल रहे। वह साढ़े चार साल से पार्टी के सदस्य हैं और उसी पार्टी से चुनाव लड़ना चाहते हैं। अफवाहों पर वह ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं जिन विधायक के पार्टी बदलने की चर्चा चल रही है, वह लखनऊ में हैं, लेकिन फोन पर बात नहीं कर रहे।