शाहजहांपुर। अपात्र श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को अपने राशन कार्ड स्वयं सरेंडर करने का मौका दिए जाने के बावजूद ऐसे तमाम लोग उचित दर दुकानों से मुफ्त राशन ले रहे हैं जो शासन से निर्धारित मानकों की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे हैं। तहसील और ब्लॉक स्तर पर कराए जा रहे राशनकार्डों के धारकों के सत्यापन में तमाम अपात्र मिल रहे हैं।अधिकारियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव की मतगणना के बाद पहले चरण में ऐसे लोगों के राशनकार्ड निरस्त किए जाएंगे, क्योंकि अभी उनसे खाद्यान्न की वसूली के आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं।
चुनाव से पहले शासन ने गलत तरीके से राशन लेने वालों द्वारा स्वेच्छा से राशनकार्ड सरेंडर नहीं करने पर उनसे खाद्यान्न के बाजार मूल्य के समतुल्य रकम की वसूली करने के निर्देश दिए थे। चुनाव आचार संहिता प्रभावी होने पर विभागीय अधिकारी निर्वाचन कार्य में व्यस्त हो गए। इस बीच, सिर्फ 65 लोगों ने स्वयं को अपात्र बताते हुए विभाग को अपने राशन कार्ड लौटाए, जबकि जिले में विभिन्न श्रेणियों के 5.76 लाख कार्डधारक हैं और विभागीय निदेशालय ने प्रत्येक दुकान से कम से कम तीन फीसदी अपात्रों के राशनकार्ड जमा कराने के निर्देश दिए थे।
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि अपात्रों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। तहसील और ब्लॉक स्तर पर कराए गए सत्यापन में ऐसे करीब चार हजार उपभोक्ता चिन्हित किए गए हैं, जिनके राशनकार्ड निरस्त होने योग्य हैं। निर्वाचन प्रक्रिया शुरू होने पर राशनकार्डों के सत्यापन का काम रोकना पड़ा। यही नहीं, जिन ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों से सत्यापन आख्या प्राप्त हुईं, उनके निरस्तीकरण की कार्रवाई भी अभी तक लंबित है। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार मतगणना के बाद बीडीओ से प्राप्त आख्या के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिन लोगों ने स्वेच्छा से स्वयं को अपात्र मानते हुए अपने राशनकार्ड जमा किए हैं, उनमें शहर के लोग ज्यादा हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में अपात्र श्रेणी के राशनकार्ड ज्यादा होने का अनुमान है। अभी अपात्रों को कार्ड जमा करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसीलिए खाद्यान्न के बाजार मूल्य के समतुल्य धनराशि की वसूली कार्रवाई के बारे में कोई आदेश भी प्राप्त नहीं हुआ है। अभी तक जांच में निरस्तीकरण के योग्य करीब चार हजार राशनकार्ड पाए गए हैं और इनकी संख्या बढ़ सकती है। निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशनकार्डों के सत्यापन और निरस्तीकरण की कार्रवाई एक साथ शुरू होगी।
-ओम हरि उपाध्याय, जिला आपूर्ति अधिकारी