पुवायां। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, देशभर में अब कृषि हड़ताल की जरूरत है। किसानों की जमीन सरकार छीनना चाहती है। व्यापारी उसे खरीदना चाहता है। ऐसे में हमें सावधान रहना होगा। प्रदेश सरकार ने किसानों की बात नहीं मानी तो अगली बार सरकार नहीं बनने देंगे।
मंडी समिति परिसर में आयोजित किसान महापंचायत में जिलेभर से आए किसानों को संबोधित करते हुए वे बोले, किसानों को एमएसपी कानून हर हाल में चाहिए। इसके लिए कृषि कानूनों के खिलाफ बड़े आंदोलन की जरूरत है। सरकार पर आरोप लगाते हुए किसान नेता ने कहा कि सरकार में बैठे लोगों ने देश में हजारों किसान संगठन खड़े करा दिए हैं, क्या देश में कोई दूसरी भाजपा बनी है?
यह किसान संगठनों को तोड़ने व जमीन छीनने की साजिश है। सभी को एकजुट रहना है, क्योंकि घरेलू क्लेश का लाभ दूसरे उठाते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कह रही है कि एमएसपी पर फसलों की खरीद में तीन लाख करोड़ रुपये का खर्च ज्यादा आएगा, लेकिन उनका कहना है कि सरकार कुल उत्पादन का जो छह प्रतिशत खरीद करती है, उतना ही करे, लेकिन कानून बना दे कि व्यापारी एमएसपी से कम पर खरीद नहीं करेंगे। फसलों के मूल्य हर प्रदेश में अलग-अलग हैं, जिससे नुकसान होता है।
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इन्होंने भी किया पंचायत को संबोधित
पंचायत को प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजीत सिंह, प्रदेश सचिव ओमप्रकाश सिंह, मध्यांचल प्रभारी बलवीर सिंह, तराई प्रदेश अध्यक्ष बलजिंदर सिंह मान, तराई उपाध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा, बरेली मंडल अध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो, शाहजहांपुर जिलाध्यक्ष अनिल सिंह यादव, लखीमपुर खीरी दिलबाग सिंह, हरदोई प्रगट सिंह, सीतापुर मयंक सिंह चौहान, बरेली सोमवीर सिंह, गगनदीप सिंह, युवा जिलाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह लोधी, लखीमपुर खीरी मोनू यादव ने भी संबोधित किया। संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह ने किया।
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बिहार में किसान बन गए मजदूर, अब अन्य प्रदेशों का नंबर
राकेश टिकैत ने कहा कि बिहार में मंडी समिति 2006 से बंद कर दी गई हैं। अब लोग अवैध खरीद करते हैं। बिहार में किसान के परिवार अब मजदूरी कर रहे हैं। सरकार की पाॅलिसी ऐसी ही चलती रही तो हमारे यहां भी श्रमिक ही तैयार होंगे। व्यापारी सीधे किसान से अनाज खरीदेगा। इससे किसानों को घाटा होगा। फिर किसानों को कर्ज दिया जाएगा और इसे उतारने के लिए किसान को जमीन बेचनी पड़ेगी। किसान की खेती को कैसे छीना जाए, इस पर काम चल रहा है।
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प्रदेश सरकार पर भी साधा निशाना
राकेश टिकैत ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ा सकती। भुगतान नहीं दिला सकती, वह सरकार किसानों की हितैषी कैसे हो सकती है। मिल चलने से पहले गन्ने के मूल्य बढ़ने चाहिए। पहले भाजपा ने घोषणापत्र में किसानोें के लिए जो वायदे किए थे, वे पूरे नहीं किए हैं। किसानों को नि:शुल्क बिजली देने की बात भाजपा ने प्रदेश में 2027 में होने वाले चुनावों के घोषणापत्र में शामिल नहीं की तो किसान एकजुट होकर विरोध करेंगे और भाजपा को सरकार नहीं बनाने देंगे।
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पशुओं को खुला न छोड़ें, गोबर की खाद का करें प्रयोग
राकेश टिकैत ने कहा कि किसान पशुओं को खुला न छोड़ें, वे गोबर तो दे ही रहे हैं। गोबर की खाद का प्रयोग करें, इससे फसल की लागत घटेगी। रसायनिक दवाएं कम डालें, उपज घटने की चिंता न करें, उपज घटेगी तो दाम खुद ही बढ़ जाएंगे और लाभ ज्यादा फसल के बराबर ही होगा। दो साल में दूध के रेट कम हुए हैं। सरकार दूध पर सब्सिडी दे तो किसान पशु को नहीं छोड़ेगा। उन्होंने किसानों से पशुपालन पर ध्यान देने और पशुओं को छुट्टा न छोड़ने अपील की।
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बीटी बीज जहर के समान
राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार बीटी बीज का कानून लाना चाहती है। बीटी जहरीला बीज है। इसकी फसल में कीड़ा लगेगा तो वह खुद ही मर जाएगा। हमने सरकार से पूछा है कि इस जहरीले बीज से किसान और पशु कैसे बच पाएंगे। झारखंड में कपास के बीटी बीज से सैकड़ों बच्चे एलर्जी का शिकार हो गए थे। किसान इस बीज से दूर रहें और कोई भी बीटी बीज बेचे तो इसकी सूचना किसान नेताओं और अधिकारियों को दें। इस बीज के कानून को पास नहीं होने दिया जाएगा।
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चढ़ूनी गुट के कई पदाधिकारी टिकैत गुट में शामिल
भााकियू टिकैत में शामिल हुए चढ़ूनी गुट के तराई प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव सिंह खिंडा, युवा प्रकोष्ठ के बरेली मंडल अध्यक्ष तरविंदर सिंह मोमी, सोनू मिश्रा, जसविंदर सिंह, मंजीत सिंह, बलबीर सिंह सहित तमाम किसानों का राकेश टिकैत ने पटका पहनाकर स्वागत करते हुए कहा कि कोई किसी गुट का नहीं है सभी किसान हैं। इसके अलावा आल इंडिया यूनिवर्सिटी खेल में कुश्ती में गोल्ड मेडल हासिल करने पर बरेली के दीक्षांत को राकेश टिकैत ने मंच पर माला और पटका पहनाकर सम्मानित किया।
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पुवायां मंडी में होती है अवैध खरीद
राकेश टिकैत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुवायां में अवैध खरीद की जाती है। जब किसान के पास अनाज नहीं रह जाता है तो खरीद में तेजी आती है। अवैध खरीद कर किसान के नाम से बिक्री की जाती है। ऐसेा ही घोटाला उन्होंने रामपुर में पकड़ा था जो 200 करोड़ का था। एमएसपी गारंटी कानून लागू करने की मांग है, इसके लिए जनजागरण चल रहा है। केंद्र सरकार पूजीपतियों की सरकार है। पूजीपतियों को नुकसान न हो, इस कारण एमएसपी गारंटी कानून लागू नहीं किया जा रहा है।
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राकेश टिकैत के मंच छोड़ते ही तमाम महिलाएं और अन्य किसान सजावट के लिए लगे गुब्बारों को फोड़ने लगे। कुछ लोग गुब्बारों को तोड़कर घर ले गए। इससे कुछ देर के लिए भीड़ ने एक दूसरे से धक्कामुक्की भी की। पंचायत में आए किसानों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई थी।
पुवायां में किसान महापंचायत को संबोधित करते राकेश टिकैत। संवाद- फोटो : सोरोंजी गंगा की तलहटी से कांवड़ लेकर गुजरते कांवड़िए