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Shahjahanpur News: रेंजर ने कहा-बाघ जंगल में लौटा, किसानों ने कहा-खेतों में ही है

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आबिद खान, गांव रायपुर पटियात। संवाद
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खुटार। रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने गांव राठ के पास सांड़ को मारने वाले बाघ के जंगल में चले जाने का दावा किया है, लेकिन किसानों का कहना है कि बाघ खेतों में ही है। डर के कारण किसान खेतों पर काम करने नहीं गए।
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काफी समय से बाघ गांव राठ, रायपुर पटियात, बरवटपुर, रसवां कलां, हिमंचलपुर के आसपास गन्ने के खेतों में मौजूद है। बाघ कई छुट्टा पशुओं को मार चुका है। बाघ ने 21 सितंबर को खेत में घास काटने गए गांव रायपुर पटियात के श्यामपाल को घायल कर दिया था। दो नवंबर की रात बाघ ने गांव राठ के पास खेत में सांड़ को मार डाला। सूचना पर वन दरोगा संतोष गौड़ के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम ने मौका मुआयना कर पगमार्क ट्रेस किए थे।
पगमार्क के आधार पर वनकर्मियों का दावा है कि बाघ जंगल में चला गया है, लेकिन किसानों का कहना है कि बाघ गन्ने के खेतों में ही मौजूद है और काम करते समय किसानों पर हमला कर सकता है। पहले भी वनकर्मी बाघ के जंगल में चले जाने की बात कह रहे थे, लेकिन वह खेतों में ही मौजूद था।
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किसान रामकुमार, अरविंद, हरीश्याम का कहना है कि गन्ने की कटाई शुरू हो गई है। ऐसे में बाघ गन्ना काटने वाले श्रमिकों और किसानों पर हमला कर सकता है। वनकर्मियाें को बाघ को पकड़वाकर घने जंगलों में छुड़वाना चाहिए।

जंगल किनारे के खेतों पर किसान और श्रमिक नहीं गए। श्रमिक काम करने से इन्कार कर रहे हैं। गन्ने की कटाई, गेहूं की बोआई चल रही है, किसानों का खेत पर जाना मजबूरी है।

- आबिद खान, गांव रायपुर पटियात

कोई भी घटना होने के बाद वनकर्मी खानापूर्ति तक सीमित रह जाते हैं। वन विभाग को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि वन्यजीव जंगल से बाहर न आ सकें।
- विजय सिंह, पूर्व प्रधान रायपुर पटियात
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राठ के पास घूम रहा बाघ जंगल में चला गया है। जंगल पास होने के कारण वन्य पशु खेतों में आ जाते हैं। लोगों से समूह में खेतों पर जाने की अपील की गई है। वनकर्मियों की टीम कांबिंग कर रही है।
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- मनोज श्रीवास्तव, रेंजर खुटार

आबिद खान, गांव रायपुर पटियात। संवाद

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