पुवायां (शाहजहांपुर)। क्षेत्र के गांव बिलंदापुर के किसान बलजीत सिंह को आतंकी संगठन बब्बर खालसा के नाम से एक और दो अप्रैल को व्हाट्सएप कॉल कर परिवार सहित 24 घंटे में जान से मारने की धमकी दी गई थी। बलजीत ने रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस आरोपियों का पता लगाने में नाकाम रही।
कॉल करने वाले ने उनसे कहा था कि नानकमत्ता के बाबा तरसेम सिंह के बाद तुम्हारा ही नंबर है। जितनी पुलिस लगानी हो, लगा सकते हो। एक अन्य मामले में खुटार के गांव कजरा के हरदीप सिंह ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पुलिस अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिया था। बताया था कि उनका कुछ लोगों से जमीन विवाद चल रहा है। दस अगस्त को उनके मोबाइल नंबर पर कनाडा से व्हाट्सएप कॉल कर बड़ा गैंगस्टर बताते हुए जमीन के किनारे न जाने की धमकी दी गई। एक करोड़ रुपये की मांग भी की गई। रुपये नहीं देने पर हत्या की बात कही गई थी। 21 अगस्त को फिर से कॉल कर एक करोड़ रुपये मांगे गए।
धमकी से वह बेहद डर गए और पुलिस से शिकायत नहीं की और जान बचाने के लिए पंजाब चले गए। बाद में उनकी शिकायत पर जांच की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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तराई से पंजाब तक बेरोकटोक निजी बसों का संचालन
-इन्हीं से आते-जाते हैं संदिग्ध, जिम्मेदार विभाग नहीं दे रहे ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
पुवायां। पीलीभीत में मारे गए खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के तीन आतंकवादियों के पूरनपुर तक बस में आने की बात सामने आ रही है। तराई में कई जगह से पंजाब तक जाने वाली बसों में संदिग्धों के आने-जाने पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। इससे ये बसें असामाजिक तत्वों की पसंद बनी हुई हैं।
तराई के कई स्थानों से रोजाना एक दर्जन से अधिक बसें पंजाब के अलग-अलग शहरों के लिए जाती हैं। खुटार से कई बसें पंजाब के लिए निकलती हैं, जो लखीमपुर, बहराइच, बाराबंकी, पीलीभीत आदि कई स्थानों से निकलती हैं। तराई के सिखों की तमाम रिश्तेदारियां पंजाब में हैं। बसों के अलावा कोई संसाधन न होने से लोग इनमें एडवांस में टिकट बुक करा लेते हैं। इसके लिए तमाम कस्बों में बुकिंग काउंटर खुले हुए हैं। अधिकतर बसें एसी व स्लीपर की सुविधा से युक्त हैं।
खास बात यह है कि इन बसों को चेकिंग के नाम पर शायद ही कहीं रोका जाता हो। टोल टैक्स बचाने के फेर में कई चालक बसों को हाईवे के स्थान पर गांवों के रास्ते से निकालते हैं। कई बसें पूरनपुर से खुटार आने के स्थान पर लौहंगापुर जंगल के बीच से गांवों के रास्ते सीधे मैलानी जाकर निकलती हैं। इस कारण कई बसों में संदिग्ध आराम से सफर करते हुए गंतव्य तक जा सकते हैं। बसों में इसी व्यवस्था के चलते पीलीभीत में मारे गए आतंकवादियों ने भी पीलीभीत आने के लिए बस को सही समझा। अभी तक की जांच में सामने आ रहा है कि पंजाब से तीनों आतंकवादी बस से ही पूरनपुर तक आए थे।
बलजीत सिंह को धमकी देने के मामले की विवेचना चल रही है। बसों के मामले में किसी संदिग्ध के आने जाने का इनपुट नहीं है, लेकिन सतर्कता के चलते संबंधित थानों की पुलिस को चेकिंग को कहा गया है।
मनाेज कुमार अवस्थी, एसपी ग्रामीण शाहजहांपुर