जलालाबाद के संगहा ससुराल पहुंचने के लिए अपने पति परविन्द सिंह (सफेद शर्ट पहने) के साथ नाव पर बै
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। बाढ़ के चलते गांव संगहा निवासी भूरे के पुत्र परविन्द सिंह, नवविवाहिता को पहले नाव और बाद में ट्रैक्टर से घर लेकर आए।
दूल्हे के पिता भूरे ने बेटे परविंद की शादी धूमधाम से करने के जो सपने देखे, उन पर बाढ़ ने ग्रहण लगा दिया। परविन्द की शादी सीतापुर शहर के बाइपास के समीप स्थित गांव खखूमा की रहने वाली रेखा से तय हुई थी। 11 जुलाई को बरात जाने की तैयारियां चल रहीं थीं, लेकिन नदियों का जलस्तर बढ़ने से तिकोला घाट पुल के एप्रोच रोड के ऊपर से दस जुलाई की रात से ही पानी का बहाव शुरू हो गया।
किसी तरह ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से दूल्हा समेत अन्य बाराती शाम को जलालाबाद तक पहुंचे। यहां आने पर पता लगा कि बाढ़ के कारण लखनऊ-दिल्ली राजमार्ग पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। इसके बाद बराती हुल्लापुर, शाहाबाद, पिहानी और महोली होकर देर रात किसी तरह गंतव्य तक पहुंचे।
आननफानन में शादी की रस्में निभाई गईं। सुबह तक सभी रस्मों को निपटाया गया। बहू की विदा कराकर देर शाम बराती जब तक यहां पहुंचे तो पानी और बढ़ जाने से बहगुल पुल के एप्रोच रोड पर बनी पुलिया पानी में डूबने के साथ मार्ग का भी काफी हिस्सा कट चुका था।
वर-वधू को गांव तक पहुंचाने के लिए केवल नाव का ही सहारा था। इसलिए नवविवाहिता पहले नाव और बाद में ट्रैक्टर पर बैठकर पहली बार अपनी ससुराल पहुंची।