शाहजहांपुर। जल निगम की ढिलाई के कारण ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल परियोजनाओं की लागत 15 से 20 फीसदी तक बढ़ने की आशंका है। इसका कारण अधिकांश परियोजनाएं अभी तक शुरू नहीं हो सकी हैं। जहां काम शुरू हो चुका है, वहां कार्य की निरंतरता प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह माह पूर्व जलालाबाद, तिलहर और कटरा में 242.49 करोड़ रुपये अनुमानित लागत वाली 88 परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। अधिकतर ठंडे बस्ते में पड़ी हैं।
धीमी गति से हो रहा निर्माण कार्य, ग्रामीण परेशान
जलालाबाद। जल जीवन मिशन के तहत ब्लॉक की नौ ग्राम पंचायतों में ओवरहेड टैंक बनाकर घर-घर पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। जिन गांवों में कार्य चल रहा है, वहां पाइप लाइन बिछाने के लिए होने वाली खोदाई के बाद रास्तों की मरम्मत नहीं की गई है। अफतियापुर और गुरगवां में खोदी गई सड़कों को मिट्टी ढककर छोड़ दिया है। जबकि उन्हें सही कराने को अतिरिक्त बजट की व्यवस्था है।
गांव गुरगवां की प्रधान शीतला देवी ने बताया कि चार महीने में अभी तक पाइप लाइन ही डाली जा सकी है। ओवरहेड टैंक कुछ दिन पहले ही बनना शुरू हुआ है। यह भी आरोप है कि जो लोग कनेक्शन करवा रहे हैं, उनसे ठेकेदार के कर्मचारी रुपयों की मांग कर रहे हैं। तहसीलदार चमन सिंह ने बताया कि डीएम ने इन गांवों में बनने वाले पंप हाउस के बाहर बाउंड्री वाल बनाने के कार्य का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए थे। छह गांवों में यह कार्य पूर्ण पाया गया। संवाद
संडा खास में अब शुरू हुआ बोरिंग का काम
निगोही। गांव संडा खास में घर- घर पानी पहुंचाने को वाटर टैंक की स्वीकृति मिली है। छह माह पूर्व टंकी के लिए पूर्व माध्यमिक विद्यालय के निकट स्थान चयन किया है। एक माह पूर्व गांव की मुख्य सड़क व गलियों में पड़ी इंटरलॉकिंग पाइप लाइन को खोद डाली गई, लेकिन पाइप लाइन नहीं डाली जा रही है। लोगों को निकलने में परेशानी हो रही है और बरसात में भारी समस्या होगी। गांव के सुरेंद्र अवस्थी, रामपाल उर्फ वियोगी आदि ने कहा कि एक वर्ष में भी वाटर टैंक बनने के आसार नहीं हैं। संवाद
टंकी निर्माण से कई गांवों में जनजीवन प्रभावित
जैतीपुुर। ठेकेदार ने गांवों में खड़ंजे उखाड़कर पाइप बिछाए और टंकी के लिए चहारदीवारी बनवाईं, लेकिन उसके बाद से काम पर विराम लग चुका है। गांव बझेड़ा भगवानपुर, करकौर, सिमरिया, घसा कल्याणपुर आदि गांवों की ऐसी हालत है, जहां खोदे गए रास्तों से निकलना मुश्किल है। बझेड़ा भगवानपुर में टंकी के लिए किए बोरवेल के गड्ढे को ऐसे ही खुला छोड़ दिया है। बाउंड्री में भी कोई गेट नहीं है। संवाद
ग्रामीण पेयजलापूर्ति के लिए कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को पानी की टंकियों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। डीएम लगातार इस कार्य की तहसील और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों से मॉनीटरिंग करा रहे हैं। प्रयास किया जा रहा है कि सभी जगह निर्माण कार्य नियत अवधि में पूरे हो जाएं। -रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
निगोही में बाटर टैंक के लिए हो रही बोरिंग । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR