शाहजहांपुर। कोविड-19 से बचाव के लिए 15 से 17 वर्ष तक के किशोर-किशोरियों ने जबर्दस्त उत्साह दिखाते हुए लक्ष्य 100 प्रतिशत से ऊपर पहुंचा दिया। वहीं दूसरी डोज लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को किशोर-किशोरियों को तलाश करना पड़ रहा है। दूसरी डोज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने माइक्रोप्लान तैयार करते हुए टीकाकरण के लिए प्रयास शुरू किए हैं। लक्ष्य के करीब पहुंचने में महकमा अभी 32 प्रतिशत दूर है।
पिछले दो साल से कोरोना जैसी महामारी ने सभी को प्रभावित किया। बच्चों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। कोरोना की चौथी लहर की संभावना को देखते हुए शासन ने 13 से 17 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण कराने पर पहले फोकस किया। टीकाकरण शुरू हुआ तो किशोर-किशोरियों ने सबसे ज्यादा ध्यान दिया। शिविरों में बच्चे अपने अभिभावकों के साथ खुद ही टीका लगवाने के लिए पहुंचे। नतीजन, पहली डोज के लिए तय टारगेट दो लाख 14 हजार, 427 किशोर-किशोरियों के टीका लग गया।
101.69 प्रतिशत वैक्सीनेशन होने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी काफी खुश थे, लेकिन दूसरी डोज लगवाने में किशोर-किशोरियां रुचि नहीं दिखा रहे हैं। दूसरी डोज के आंकड़े ज्यादा बेहतर नहीं है। दूसरी डोज एक लाख 22 हजार, 572 के लग पाई है। अभी तक 68.13 प्रतिशत ही दूसरी डोज लग सकी है। स्वास्थ्य विभाग ने ब्लाक वार माइक्रो प्लान तैयार कराकर दूसरी डोज को लगवाने के लिए प्रयास शुरू किए हैं, साथ ही शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित कर टीकाकरण कराए जाने की तैयारी की गई है।
प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंचा विभाग
12 से 14 वर्ष उम्र वाले बच्चों का टीकाकरण कराने में जनपद ने प्रदेश में परचम लहरा दिया। एक लाख 27 हजार 356 के लक्ष्य के सापेक्ष एक लाख 42 हजार 105 बच्चों के टीकाकरण लगा दिया। इस तरह 111.58 प्रतिशत टीकाकरण
हो चुका है। इसी तरह दूसरी डोज 27 हजार 164 प्रतिशत बच्चों के लग पाया है। पहली डोज मेें जनपद ने पहला मुकाम प्रदेश में पाया है।
छह से 12 वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण के लिए सर्वे शुरू
-स्वास्थ्य विभाग ने छह से 12 वर्ष तक के टीकाकरण लगाए जाने की घोषणा के बाद जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया। शासन के निर्देश के बाद गांवों में सर्वे शुरू कराकर बच्चों की सूची तैयार कराई जा रही है। उस सूची के आधार पर वैक्सीन की डिमांड की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे के लिए आशाओं को लगाया है।
वैक्सीनेशन कराने के लिए माइक्रोप्लान तैयार कर लिया गया। उसके तहत ब्लाकवार छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ छह से 12 वर्ष तक के बच्चों को टीका लगाने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। -डॉ. पीपी श्रीवस्तव, नोडल अधिकारी