पुवायां के गांव जाठियापुर बुजुर्ग के झाबर में बारिश के कारण बढ़ा जलस्तर। संंवाद
पुवायां (शाहजहांपुर)। गांव जाठियापुर बुजुर्ग के पास 30 जुलाई से झाबर में देखा जा रहा मगरमच्छ पकड़ा नहीं जा सका। वनकर्मियों ने भी मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास बंद कर दिया है।
30 जुलाई की सुबह गांव के लोग झाबर के पास गए तो वहां एक मगरमच्छ पानी में तैर रहा था। 31 जुलाई को भी मगरमच्छ पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। बारिश के कारण आसपास से काफी पानी झाबर में आ जाने से मगरमच्छ पकड़ से दूर हो गया। मछुआरों ने भी ज्यादा पानी के चलते खतरा बताते हुए मगरमच्छ को पकड़ने से इन्कार कर दिया। इसके बाद वनकर्मियों की टीम गांव से लौट गई है।
रेंजर वीरेश राव ने बताया कि मगरमच्छ को पकड़ने के लिए दो दिन जाल डालकर प्रयास किया गया था। बारिश होने से झाबर में पानी बढ़ गया और अब जाल डालने में दिक्कत आ रही है। बारिश बंद होने के बाद फिर से प्रयास किए जाएंगे। लोगों को झाबर से दूर रहने के लिए कहा गया है।
कुत्ते का शिकार करने वाले मगरमच्छ को वन कर्मियों ने पकड़ा
शाहजहांपुर। निगोही क्षेत्र के सहदेवपुर गांव में शनिवार को सुबह गांव के पूर्व दिशा में तालाब के पास खड़े एक कुत्ते को मगरमच्छ तालाब में खींच ले गया। वहां मौजूद ग्रामीणों के शोर मचाने पर भी मगरमच्छ ने कुत्ते को नहीं छोड़ा। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से तालाब में जाल डाल कर मगरमच्छ को पकड़ा और नदी में छोड़ दिया। वन दारोगा सतीश गौतम ने बताया कि तालाब से पकड़कर कठिना नदी में छोड़ा गया मगरमच्छ करीब सात फुट लंबा है। संवाद